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सीईओ के जल्द तबादले के आश्वसन के बाद सचिव संघ ने किया धरना खत्म.

विगत दिनों बसना सचिव संघ ने जनपद सीईओ के तबादले के बाद कार्यमुक्त नही करने पर सचिव संघ ने कलम बन्द हड़ताल कर दिया था और 24 सितम्बर से अनिश्चित कालीन हड़ताल पर बैठ गए थे.

पंचायत सचिवों ने जनपद सीईओ बसना के आर के वर्मा के ख़िलाफ दुर्व्यवहार और गाली गलौच जैसे आरोपो के साथ-साथ तानाशाही व्यवहार किये जाने का आरोप लगाया था.

जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत चिमरकेल के सचिव अजय भोई ने बिना प्रपोजल के 1 लाख 13 हजार 200 रुपये का नगद आहरण कर लिया था जिसके सर्विस बुक में जनपद सीईओ द्वारा रिकवरी करने लिखा गया था जिसे लेकर विवाद हो गया. सचिवों का कहना था कि जनपद सीईओ द्वारा दूर्भावना वस ऐसा किया जा रहा है.

लगातार एक सप्ताह के हड़ताल के बाद ग्राम पंचायतों का काम प्रभावित होने लगा था, जिसके बाद कांग्रेस कमेटी बसना के ब्लाक अध्क्षय इस्तियाक खैरानी सहित और कई पदाधिकारियों द्वारा कल शाम 4 बजे आस्वासन दिया गया कि जनपद सीईओ का जल्द ही कार्यमुक्ति किया जाएगा.

ज्ञात हो कि जनपद सीईओ बसना का स्थानांतरण 22  अगस्त 2018  को बसना से पंडरिया से कबीर धाम हुआ है इसके महीनों बीत जाने के बाद भी अब तक कार्यमुक्त नही किए गए है.

जानकारी के अनुसार जनपद सीईओ को कार्यमुक्त करवाने के लिए वे सचिव भी हड़ताल में शामिल हुए जिनके तबादले बसना ब्लाक से कही और कर दिए गए मगर वे खुद भी अपना नया पदभार ग्रहण नहीं किये है.

कार्यालय जिला पंचायत महासमुंद से 12 जुलाई को एक आदेश जारी किया गया जिसके तहत महासमुंद जिले के कुल 19 सचिवों का तबादला किया गया है. जिसमे बसना के 8 सचिव,  सरायपाली के 5, बागबाहरा के 4 और महासमुंद ब्लाक के 2 सचिव है.