सर्वेक्षण विशेषज्ञों के लिए कौशल के बारे में हितधारकों से परामर्श
सांख्यिकी एवं कार्यान्वयन मंत्रालय की ओर से आज नई दिल्ली में विभिन्न हितधारकों के साथ परामर्श कायम किया गया। इसका उद्देश्य कौशल प्रदान करने के माहौल के तहत आंकड़े की गुणवत्ता सहित कौशलयुक्त सर्वेक्षणकर्ताओं के लिए इस क्षेत्र में एक कार्यक्रम विकसित करना और उसे कायम रखना है। इससे संगठनों के पास योग्य एवं कौशलयुक्त व्यक्तियों का पैनल उपलब्ध हो सकेगा। इसके परिणामस्वरूप एजेंसियों द्वारा सर्वेक्षण व्यवसायियों को काम सौंपा जा सकेगा।
भारत की मुख्य सांख्यिकीविद – सह – सांख्यिकी एवं कार्यान्वयन मंत्रालय में सचिव श्री प्रवीण श्रीवास्तव की अध्यक्षता में परामर्श कार्यक्रम आयोजित किया गया। कौशल विकास एवं उदयमिता मंत्रालय में सचिव डॉ. के. पी. कृष्णन ने कौशल विकास एवं उदयमिता मंत्रालय की ओर से कौशल विकास संबंधी पहलों के बारे में हितधारकों को सम्बोधित किया। उन्होंने परिवारों, संस्थापनाओं और उपभोक्ता आधारित सर्वेक्षणों में तैनात करने के लिए बाजार में सर्वेक्षणकर्ताओं/विशेषज्ञों के लिए मांग आधारित नियोजन के अवसरों के बारे में बताया। इस परामर्श कार्यक्रम में मुख्य रूप से राष्ट्रीय कौशल विकास निगम की व्यवस्थाओं के माध्यम से प्रबन्धन एवं उदयमिता और व्यवसायी कौशल परिषद (एमईपीएससी) द्वारा तैयार किये गए क्षेत्रीय सर्वेक्षणकर्ताओं, क्षेत्रीय पर्यवेक्षकों और डाटा गुणवत्ता के कार्यपालकों के लिए सर्वेक्षण की गतिविधियों और योग्यता के पैकों में शामिल संगठनों के बीच अनुभवों को साझा करने पर जोर दिया गया। राष्ट्रीय प्रयुक्त आर्थिक अनुसंधान परिषद (एनसीएईआर), राष्ट्रीय कौशल विकास परिषद (एनएसडीसी), अंतर्राष्ट्रीय जनसंख्या विज्ञान संस्थान (आईआईपीएस), भारतीय रिजर्व बैंक, टाटा ट्रस्ट आदि के प्रतिनिधियों ने व्यावसायिक तौर पर सर्वेक्षणों के संचालन के लिए कौशल में सुधार लाने के लिए सांख्यिकी एवं कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा किए गए इस बेजोड़ पहल का स्वागत किया।