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बसना ब्लाक कांग्रेस कमेटी द्वारा केन्द्र सरकार के नीतियों के विरोध में हुआ ब्लाक स्तरीय धरना प्रदर्शन.

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देशानुसार केंद्र सरकार द्वारा धान खरीदने व प्रदेश हित के विभिन्न मुद्दों को लेकर व्यापारियों के हित में केंद्र की मोदी सरकार के द्वारा किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ ब्लाक कांग्रेस कमेटी शहर के द्वारा हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है.

कांग्रेस ने 7 सूत्रीय मांगों को लेकर 15 नवंबर तक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर चरणबद्ध आंदोलन चलेगा. 2500 रूपये प्रति क्विंटल पर धान खरीदी और सेंट्रल पुल में 32 मिट्रिक टन चावल खरीदी, प्रदेश की 1960 करोड़ जीएसटी क्षतिपूर्ति राशि तत्काल देने, मनरेगा लंबित मजदूरी 300 करोड़ देने, वन भूमि अधिकार पट्टा पर लगी रोक हटाने, प्रदेश की मिट्टी तेल कोटे में की गई कटौती समाप्त करने, प्रदेश के पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति पर रोक हटाने को लेकर यह आंदोलन किया जा रहा है.

पहले चरण में 5 से 10 नवंबर तक हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा. किसान, व्यापारी, मजदूर समेत सभी वर्गों का हस्ताक्षर कर ब्लाक कांग्रेस आवेदन 11 नवंबर तक जिला मुख्यालय पहुंचाएंगे. 11 नवंबर को जिला मुख्यालय में हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा. 12 नवंबर को आवेदन प्रदेश मुख्यालय पहुंचाया जाएगा. 13 नवंबर को राजधानी रायपुर से विभिन्न वाहनों में सवार होकर कांग्रेसी, किसान समेत प्रदेश की जनता दिल्ली के लिए प्रस्थान करेगी.

बताया गया कि निर्धारित प्रपत्र में प्रदेश के व्यापारिक संगठनों और उद्योगपतियों का भी हस्ताक्षर करवाया जाएगा. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम धान बोनस की मंजूरी को लेकर ज्ञापन सौंपा जाएगा. क्षेत्र के सांसद के नाम किसान और आम जनता का पत्र भी सौंपा जाएगा.

आज बसना विधायक श्री देवेन्द्र बहादुर सिंह के नेतृत्व में ब्लाक स्तरीय धरना प्रदर्शन जिला सहकारी बैंक के सामने बसना में किया गया. जिसमें ब्लॉक कांग्रेस कमेटी बसना के अध्यक्ष इस्तियाक खैरानी, मंजीत सिंह सलुजा, विधायक प्रतिनिधि तौकीर दानी, तनवीर सईद, धर्मेंद्र नायक, अप्पू खैरानी, श्रीमती मंदाकिनी साहू, श्रीमती दुकली बाई, श्रीमती यास्मीन बेगम, सुसील दीवान, मोहम्मद खालिद दानी, गौतम बंजारा, परदेशी यादव, कैलाश प्रधान, अतीत बाग़, खिरोद्रनाग, मोतीलाल, जयसिंह, मोहम्मद इसाक, नन्हे भाई, मनोज प्रधान, प्रतोष भोई, गजेंद्र साहू, निर्मल दास, प्रेम दास, उच्छब दास, करुण कुमार दाऊ, महिपाल सिंह के अलावा सैकड़ो क्षेत्र किसान मौजूद रहे.