देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद से दिया इस्त... - CG Sandesh

देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद से दिया इस्तीफ़ा

महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस ने राज्यपाल को अपना इस्तीफ़ा तो सौंप दिया है लेकिन संभावनाओं के कई विकल्प के साथ-साथ महाराष्ट्र में सरकार गठन पर राजनीति गर्म है. राष्ट्रपति शासन की सिफारिश राज्यपाल के लिए आखिरी विकल्प है लेकिन क्या अभी महाराष्ट्र में बीजेपी और शिवसेना के पास और भी रास्ते हैं.

महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के 16वें दिन महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. विधानसभा नतीजों में सबसे बड़ी पार्टी और गठबंधन के रूप में उभरने के बाद भी बीजेपी और शिवसेना के बीच सरकार बनाने को लेकर सहमति नहीं बन सकी और आखिरकार फडणवीस ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मिलकर अपना इस्तीफा सौंप दिया. राज्यपाल ने फडणवीस का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है और अगली व्यवस्था होने तक कार्यवाहक मुख्यमंत्री बने रहने को कहा है.

फडणवीस ने महाराष्ट्र के लोगों को पांच साल तक सेवा का मौका देने के लिए धन्यवाद दिया. उन्होंने शिवसेना के दावों को खारिज करते हुए कहा कि उनकी मौजूदगी में दोनों दलों द्वारा मुख्यमंत्री पद की साझेदारी को लेकर कोई समझौता नहीं किया गया है. फडणवीस ने दावा किया कि राज्य में जो भी सरकार बनेगी, वो बीजेपी के नेतृत्व में ही बनेगी.

इन सब घटनाक्रम के बीच शिवसेना महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री पद साझा करने की अपनी मांग पर शुक्रवार को भी अड़ी रही. पार्टी का दावा है कि दोनों पार्टियों ने लोकसभा चुनाव से पहले फरवरी में तय किया था कि राज्य में पदों की बराबर साझेदारी होगी.

सरकार गठन को लेकर जारी गतिरोध के बीच कांग्रेस ने शुक्रवार को अपने नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक की. विधानसभा चुनावों में 105 सीट जीतकर भाजपा सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है. भाजपा की सहयोगी शिवसेना 56 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर काबिज रही. ‘महायुति' के तौर पर चुनाव लड़ने वाले दोनों दल 24 अक्टूबर को चुनाव नतीजे आने के बाद से ही मुख्यमंत्री पद के बंटवारे पर जोर दे रहे हैं. एनसीपी और कांग्रेस ने 288 सदस्यीय विधानसभा के चुनाव में क्रमश: 54 और 44 सीटें जीतीं. बहुमत के लिए आंकड़ा 145 सीटों का है. राज्य विधानसभा का कार्यकाल शनिवार को खत्म हो रहा है और अब तक सरकार गठन न होने के बाद अब देखना होगा कि राज्यपाल क्या फैसला लेते हैं.


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