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कृषि वैज्ञानिकों ने भलेसर के कृषि विज्ञान केन्द्र का किया अवलोकन

महासमुंद, 02 दिसम्बर 2019/ कृषि विज्ञान केन्द्र भलेसर में गत दिवस केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक व प्रमुख के साथ आई.ए.आर.आई. नई दिल्ली के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. युद्धवीर सिंग शस्य विज्ञान ने केन्द्र की विभिन्न इकाईयों का वैज्ञानिको के साथ अवलोकन किया। इसमें कुक्कुट पालन, बटेर पालन, डेयरी ईकाई, वर्मी कम्पोस्ट, नाडेप, अजोला, मशरूम इकाई, समन्वित कृषि प्रणाली, सब्जियों का केफेटेरिया, पोषण वाटिका, मछली पालन, बतख पालन, फलदार पौधों की रोपणी आदि का निरीक्षण किया एवं विभिन्न इकाईयों की सराहना करते हुए उनके संबंध में सलाह दी। विभिन्न इकाइयों के उत्तम प्रबंधन पर अपनी प्रसन्नता जाहिर की।

इस अवसर पर प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. युद्धवीर सिंग ने ग्राम परसवानी में कृषकों के लिए आयोजित प्रशिक्षण तिलहनी व दलहनी फसलों के समूह प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्होंने उद्बोधन में कहा कि चने की उत्पादन तकनीक बीज उपचार उन्नत किस्म का चुनाव के विषय में विस्तार से कृषकों को जानकारी प्रदान की। इसके साथ ही धान की पराली जलाने से होने वाले नुकसान के बारे में जानकारी प्रदान की गई। इससे बचने के लिये कृषकों के समक्ष पैरा के अपघटन के लिये पूसा अपशिष्ठ अपघटक का जीवन्त प्रदर्शन कृषकों के समक्ष किया। इस अवसर पर परसवानी गांव के उन्नतशील कृषकों के साथ लगभग 50 कृषक उपस्थित थे जिन्होने प्रशिक्षण में उत्साह पूर्वक भाग लिया। केन्द्र के वैज्ञानिक गण श्री एच. एस तोमर, श्री कुणाल चन्द्राकर, श्री रवीश केसरी उपस्थित थे।