जयपुर बम विस्फोट मामलाः विशेष अदालत ने चार दोषियों को सुनाई फांसी की सजा
2008 का जयपुर सीरियल बम विस्फोट मामला जिसमें 8 एफआईआर दर्ज की गई थी, जबकि 4 चार्जशीट दाखिल हुए थीं...इस मामले में आज चारों दोषियों को मौत की सजा सुनाई गई है. दो दिन पहले ही स्पेशल कोर्ट ने इस मामले में चार को दोषी करार दिया था, जबकि एक को बरी कर दिया था. इस सीरियल ब्लास्ट में कुल 80 लोगों की जानें गई थीं, जबकि 170 लोग घायल हुए थे.
करीब 11 साल से भी ज्यादा वक्त बीत जाने के बाद आखिरकार 2008 के जयपुर बम विस्फोट मामले में इंसाफ हो गया है। राजस्थान की एक विशेष अदालत ने जयपुर बम विस्फोट मामले में शुक्रवार को चार आरोपियों को फांसी की सजा सुनायी है । ब्लास्ट के चारों दोषियों को बुधवार को दोषी ठहराए जाने के बाद गुरुवार को सजा के बिंदुओं पर बहस हुई थी। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अदालत ने सजा का एलान किया।
मामले की सुनवाई कर रही विशेष अदालत के न्यायाधीश अजय कुमार शर्मा ने अपने फैसले में - मोहम्मद सरवर आजमी, मोहम्मद सैफ, मोहमद सलमान और सैफुर्रहमान को फांसी की सजा सुनाई। इन सभी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 307,324, 326, 120 बी, 121ए और 124 ए, 153 ए के तहत दोषी माना गया था । इसके अलावा विस्फोट पदार्थ अधिनियम की धारा तीन के तहत तथा विधि विरूद्ध क्रियाकलाप अधिनियम की धारा 13, 16, 1 ए और 18 के तहत भी उन्हें दोषी ठहराया था।
जयपुर में 13 मई 2008 को शाम लगभग सवा सात बजे 15 मिनट में सिलसिलेवार आठ बम धमाके हुए थे। इन धमाकों ने जयपुर शहर को हिला दिया था। इन धमाकों में कम से कम 70 लोगों की मौत हुई थी और 185 घायल हुए थे।
पहला धमाका चांदपोल हनुमान मंदिर और उसके बाद दूसरा सांगानेरी गेट हनुमान मंदिर पर हुआ था। इसके बाद बड़ी चौपड़, जोहरी बाजार, छोटी चौपड़ और तीन अन्य स्थानों पर धमाके हुए थे।
बम धमाके के बाद राज्य सरकार की सिफारिश पर उच्च न्यायायल ने मामले की सुनवाई के लिए विशेष अदालत गठित की थी। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से 1,272 गवाह और बचाव पक्ष की ओर से 24 गवाह पेश किए गए।
फांसी की सजा के बाद धमाके के पीड़ित के साथ न्याय हो गया है।