सीमा मुद्दे पर भारत-चीन के विशेष प्रतिनिधियों के बीच हुई 22वीं बैठक
सीमा मुद्दे पर भारत-चीन के विशेष प्रतिनिधियों के बीच 22वीं बैठक हुई। दोनों पक्षों ने प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति जिनपिंग के बीच बनी सहमति के आधार पर सीमा मामले के तर्कसंगत और स्वीकार्य समाधान के लिए प्रयासों में तेजी लाने पर सहमति जताई।
भारत-चीन सीमा विवाद पर विचार-विमर्श के लिए दोनों देशों के विशेष प्रतिनिधियों की बैठक शनिवार को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में हुई। इस मुद्दे पर दोनों देशों की यह 22वीं बैठक है। भारतीय शिष्टमंडल का नेतृत्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने किया जबकि चीन के विदेश मंत्री वांग यी अपने देश के शिष्टमंडल की अगुवाई की। महाबलीपुरम में पीएम मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई शिखर वार्ता के बाद पहली विशेष प्रतिनिधि स्तर की वार्ता है।
विशेष प्रतिनिधियों ने भारत-चीन संबंधों के रणनीतिक दृष्टिकोण से सीमा मुद्दे के दृष्टिकोण के महत्व को रेखांकित किया और इस बात पर सहमति व्यक्त की कि सीमा मुद्दे का समझौता दोनों देशों के मौलिक हितों को पूरा करता है। विशेष प्रतिनिधियों ने पीएम मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार भारत-चीन सीमा प्रश्न का उचित और पारस्परिक रूप से स्वीकार्य समाधान प्राप्त करने के अपने प्रयासों को तेज करने का संकल्प लिया।
इस बैठक में दोनों पक्ष इस बात पर राजी हुए है कि दोनों देशों के समग्र द्विपक्षीय विकास के लिए सीमा पर शांति बनाए रखना महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही दोनो पक्ष इस बात पर भी सहमत हुए ये कि दोनो पक्ष एक दूसरे के संवेदनशील मामलों का ध्यान रखेंगें ताकि आपसी विश्वास कायम रहे।