फास्टैग को रिचार्ज कराने के नियम हुए आसन, सभी पेमेंट सिस्टम के जरिए किया जा सकेगा फास्टैग रिचार्ज.
केंद्र सरकार ने नेशनल हाइवे के टोल प्लाजा पर 15 दिसंबर से वाहनों के लिए फास्टैग अनिवार्य हो गया है. अगर कोई वाहन बिना फास्टैग के टोल प्लाजा की फास्टैग लेन से गुजरेगा तो दोगुना टोल टैक्स देना पड़ेगा. हालांकि पहले एक महीने तक यानी 15 जनवरी 2020 तक हर हाइवे पर एक-चौथाई टोल बूथ पर नकद और फास्टैग दोनों से भुगतान हो सकेगा. आपको बता दें कि आरबीआई ने फास्टैग को रिचार्ज कराने के नियम आसान कर दिए हैं यानी अब आप युपीआई, एटीएम और क्रेडिट कार्ड्स, प्री-पेड इंस्ट्रूमेंट्स से भी फास्टैग को रिचार्ज कर सकते हैं.
आरबीआई की ओर से जारी 30 दिसंबर 2019 को जारी बयान में कहा गया है कि सभी पेमेंट सिस्टम के जरिए फास्टैग को रिचार्ज किया जा सकता है. इसके अलावा फास्टैग के जरिए व्हीकल टोल के अलावा पार्किंग फीस का भुगतान भी कर सकते हैं.
फास्टैग एक रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन टैग है जिसे वाहन के विंडशील्ड पर लगाया जाता है, ताकि गाड़ी जब टोल प्लाजा से गुजरे तो प्लाजा पर मौजूद सेंसर फास्टैग को रीड कर सके. वहां लगे उपकरण ऑटोमैटिक तरीके से टोल टैक्स की वसूली कर लेते हैं.
अगर आपको गाड़ी एनएचएआई के टोल प्लाजा से होकर कहीं आना-जाना है तो जल्द से जल्द फास्टैग लगवा लें. वरना 15 जनवरी के बाद कैश लेन पूरी तरह बंद हो जाएंगी और आपको सफर में समय और पैसे ज्यादा बर्बाद करने पड़ेंगे.
नए वाहन मालिकों को फास्टैग के बारे में चिंता करने की जरूरत नहीं है. क्योंकि ये रजिस्ट्रेशन के समय पहले से ही उपलब्ध कराए जाएंगे. ओनर को बस फास्टैग अकाउंट को सक्रिय और रिचार्ज करना होगा. हालांकि, आपके पास पुरानी कार है, तो आप उन बैंकों से फास्टैग खरीद सकते हैं जो सरकार के राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह (NETC) कार्यक्रम से अधिकृत हैं.
इन बैंकों में सिंडिकेट बैंक, एक्सिस बैंक, आईडीएफसी बैंक, एचडीएफसी बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, और इक्विटास बैंक शामिल हैं. आप पेटीएम से भी फास्टैग खरीद सकते हैं.
फास्टैग को बैंक से ऑफलाइन खरीदा जा सकता है. हालांकि, लंबी कतारों में लगने और समय बचाने के लिए इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करना आसान है. फास्टैग आवेदन करने की प्रक्रिया विभिन्न बैंकों में थोड़ी अलग होती है. फिर भी आवेदन की मुख्य बातें सभी में समान रहती हैं.