जेएनयू हिंसा में सबूत जुटाने के लिए एफएसएल की कई टीमों ने किया कैंपस का दौरा
जेएनयू हिंसा की जांच जारी, सबूत जुटाने के लिए एफएसएल की कई टीमों ने किया कैंपस का दौरा, जेएनयू कुलपति ने छात्रों से की अपील, कहा बीती बातों को पीछे छोड़ कैंपस में लौटें ।
जेएनयू परिसर में रविवार रात हुए हमले के सिलसिले में दोषियों तक पहुंचने के लिए पुलिस की जांच तेजी से जारी है। छात्रों और शिक्षकों पर हुए हमले में शामिल लोगों की पहचान के लिए पुलिस वीडियो फुटेज और चेहरे पहचानने की प्रणाली का इस्तेमाल कर रही है। हमले को लेकर हिंदू रक्षा दल के दावे की जांच भी पुलिस कर रही है। रक्षा दल से हमले की जिम्मेदारी ली थी। सबूत जुटाने के लिए फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला यानी एफएसएल की कई टीमें मंगलवार को जेएनयू पहुंची। ये टीम परिसर में नकाबपोश लोगों की ओर से छात्रों और अध्यापकों पर हमले में इस्तेमाल किए गए रॉड और पत्थरों जैसे सबूतों को एकत्र करेगी । एफएसएल से फोटो विशेषज्ञों की एक टीम भी परिसर में मौजूद है। दिल्ली पुलिस की संयुक्त आयुक्त और मामले की जांच कर रही शालिनी सिंह ने मंगलवार को जेएनयू कैंपंस का दौरा कर छात्रों के साथ बातचीत की।
दिल्ली पुलिस ने जेएनयू के सर्वर रूम में तोड़फोड़ की घटना के संबंध में दो प्राथमिकी दर्ज की है । पुलिस ने जेएनयू परिसर में दंगा करने और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में अज्ञात लोगों के खिलाफ सोमवार को ही प्राथमिकी दर्ज की थी ।इस बीच जेएनयू कुलपति मंगलवार को मीडिया के सामने आए और कहा कि पंजीकरण प्रक्रिया का विरोध करने वाले कुछ छात्रों ने पंजीकरण कक्ष में तोड़फोड़ की और 14 दिसंबर को मुझ पर हमला किय । उन्होंने जेएनयू परिसर को सुरक्षित स्थान बताते हुए सभी छात्रों से परिसर वापस आने का आग्रह किया है । प्रशासन का कहना है कि जेएनयू कैंपस में स्थिति नियंत्रण में है और कोई भी अप्रिय घटना नहीं हुई है।
इस बीच केंद्र सरकार ने कहा है कि जेएनयू हमले में शामिल ''नकाबपोश'' हमलावरों को जल्द ही बेनकाब किया जाएगा। हमले पर आरोप प्रत्यारोप के बीच बीजेपी ने कहा है कि हमले के पीछे कांग्रेस और आम आदमी पार्टी का हाथ है।
गौरतलब है कि जेएनयू परिसर में रविवार रात लाठियों और लोहे की छड़ों से लैस कुछ नकाबपोश लोगों ने परिसर में प्रवेश कर छात्रों तथा शिक्षकों पर हमला कर दिया था और परिसर में संपत्ति को नुकसान पहुंचाया था। बाद में प्रशासन को पुलिस को बुलाना पड़ा।हमले की इस घटना के बाद परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।