जगन्नाथ मंदिर में भक्तों के दर्शन पर रोक लगने के बाद हुई ये ... - CG Sandesh

जगन्नाथ मंदिर में भक्तों के दर्शन पर रोक लगने के बाद हुई ये अप्रिय घटना, विडियो हुआ वायरल.

ओडिशा के पूरी  जगन्नाथ मंदिर के ऊपरी हिस्से में लगाए जाने वाला ध्वज गुरुवार को अचानक जल उठने से श्रीमंदिर परिसर में हड़कंप मच गया. इस घटना के बाद से सोशल मिडिया में तेजी से इसका विडियो वायरल होने लगा.

जानकारी के मुताबिक शाम लगभग 7:30 बजे के आसपास पाप नाशक एकादशी के उपलक्ष्य में श्रीमंदिर के अंवला परिसर में महादीप लगाया गया था. अचानक हवा चलने से अचानक तेज हवा चलने से ध्वज उड़कर महादीप पर चला आया और देखते ही जल गया. इसके बाद श्रीमंदिर प्रशासन ने चुनरा सेवकों को वहां भेजा और फिर स्थिति सामान्य हुई.

गौरतलब है कि  श्रीमंदिर का ध्वज हर दिन शाम चार से पांच बजे के बीच बदला जाता है. एक सेवायत ऊपर जाकर ध्वज बदलता है. यह पवित्र दृश्य देखने को लोग उमड़ पड़ते हैं. सेवायत के हाथ में एक जलता हुआ दीपक भी होता है.

श्रीमंदिर चुनरा सेवक निजोग के अध्यक्ष कृष्ण चन्द्र महापात्र ने कहा है कि महादीप की लौ इधर उधर जा रही थी, इसी बीच ध्वज और लौ का संपर्क हो जाने से यह अघटन हुई है.  

वहीं मंदिर की मुख्य ध्वजा में किसी प्रकार की कोई क्षति नहीं पहुंची है.

पुरी के जगन्नाथ मंदिर में औरंगज़ेब ने 328 साल पहले जो किया, उसी इतिहास को कोरोना ने दोहराया

पुरी के जगन्नाथ मंदिर में आज तक यानि कि 328 सालों में कभी भी भक्तों को दर्शन करने का मौका मिल जाता था लेकिन अब ऐसा नही हो सकता है कोरोना ने औरंगज़ेब के इतिहास को एक बार फिर दोहरा दिया है. अब से 328 साल पहले यानी 1692 में मुग़ल शासक औरंगज़ेब के आदेश पर एकराम ख़ान ने पुरी मंदिर पर हमला किया था जिसके बाद पुरी में मौजूद ये तीर्थ स्थल जगन्नाथ मंदिर बंद हुआ था." वही एक बार फिर 328 साल के बाद ऐसा पहली बार हो रहा है जब कोरोना वायरस की वजह से फैली विश्व भर में महामारी को रोकने के लिए सारे मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे, चर्च सब कुछ यानि भीड़ इकट्ठा होने वाली हर जगह को पूरी तरह से बंद कर दिया जा रहा है.


अन्य सम्बंधित खबरें