जयपुर में 120 मामले; इनमें 105 पॉजिटिव एक किलोमीटर दायरे में, यहां कर्फ्यू के बाद अब महाकर्फ्यू लगा
राजस्थान के जयपुर में बुधवार दोपहर तक संक्रमण के 120 केस सामने आ चुके हैं। इसमें 105 पॉजिटिव यहां के रामगंज इलाके के हैं। रामगंज इलाका जयपुर में कोरोना का एपिसेंटर बना हुआ है। रामगंज और उससे सटे हुए इलाकों में 15 दिनों से कर्फ्यू लगा था। लेकिन, यहां अब खतरा कम्युनिटी संक्रमण की तरफ बढ़ता नजर आ रहा है। ऐसे में कर्फ्यू की जगह मंगलवार से यहां महाकर्फ्यू लगा दिया है। यानी संक्रमण का ट्रांसमिशन रोकने के लिए और ज्यादा सख्ती की जाएगी। जयपुर में संक्रमण के आंकड़ों को देखें तो यहां कुल 120 केस हैं। इसमें दो इटली के नागरिक हैं। बाकी शहर में सात लोग संक्रमित मिले हैं, उन सभी की विदेश की ट्रैवल हिस्ट्री है। 97 रामगंज के और छह इससे सटे हुए इलाकों के हैं जैसे घाट गेट, भट्टा बस्ती और आदर्श नगर हैं।
पहले ओमान से आया संक्रमित और फिर जमाती
रामगंज में संक्रमण का पहला मामला ओमान से आया व्यक्ति मिला था। स्वास्थ्य
विभाग ने उसकी जांच की थी, उसमें लक्षण नजर नहीं आए थे। इसके बाद उसे घर
में क्वारैन्टाइन रहने के लिए कहा गया था। लेकिन वह माना नहीं। बाहर
निकालता रहा और संक्रमण फैलाता रहा। अब तक यहां 90 से ज्यादा संक्रमित मिले
हैं वह उसी व्यक्ति से संक्रमित माने जा रहे हैं। इनमें उसके परिवार वाले,
रिश्तेदार, मुहल्ले वाले और मिलने-जुलने वाले हैं। बाकी कुछ जमाती हैं और
उनसे संक्रमित हुए लोग हैं। प्रशासन को चिंता इस बात की है कि इन लोगों ने
आगे किन-किन को संक्रमित किया होगा। इस बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता है।
इस इलाके में करीब 2.6 लाख लोग रहते हैं।
सभी सरकारी व निजी दफ्तरों में रामगंज के कर्मचारियों की एंट्री रोकी
रामगंज को लेकर पूरे शहर में दशहत है। राज्य सरकार ने रामगंज क्षेत्र में
रहने वाले सभी सरकारी अफसरों-कर्मचारियों के अलावा निजी, स्वायत व अन्य
उपक्रमों में काम करने वाले कर्मचारियों को अगले 14 दिन या आगामी आदेश तक
घर पर ही रहने के आदेश दिए हैं। हालांकि सरकार का यह आदेश तब आया है जब
जयपुर के एसएमएस मेडिकल कॉलेज की कैंटीन में रामगंज का युवक कोरोना पॉजिटिव
मिल चुका है और अब पूरा अस्पताल संक्रमण की जद में है।
250 टीमों ने की दस हजार परिवारों की स्क्रीनिंग
रामगंज सहित पूरे क्षेत्र में कोरोना के संक्रमण की रोकथाम के लिए 100
अतिरिक्त मेडिकल टीमों ने रविवार से घर-घर जाकर स्क्रीनिंग की। यह टीम यहां
रहने वाले करीब 10 हजार से अधिक परिवारों की स्क्रीनिंग करेगी।
कोरोना को हराने के लिए 1450 फुली डेडिकेटेड बेड
कोरोना संकट से निपटने के लिए जयपुर में 1450 फुली डेडिकेटेड बेड बनाए गए
हैं। इसमें एसएमएस अस्पताल में 950 और आरयूएचएस हॉस्पिटल में 500 बेड
निर्धारित हैं। वहीं प्रदेशभर के सरकारी और निजी अस्पतालों में कोरोना
मरीजों के लिए 10,578 बेड तैयार किए गए हैं।