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आरबीआई की ओर से दी गई राहत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जताया आभार – कहा छोटे व्यवसायियों, किसानों, गरीबों को मिलेगा फायदा.

आरबीआई ने रिवर्स रेपो रेट घटा कर बैंकों की जमा राशि पर ब्याज को कम कर दिया. आरबीआई की ओर से दी गई राहत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आभार जताया. उन्होंने कहा कि इससे छोटे व्यवसायों, एमएसएमई, किसानों और गरीबों को फायदा मिलेगा.

कोरोना संकट और लॉकडाउन के बीच रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने आज बड़े ऐलान किए हैं. आरबीआई ने रिवर्स रेपो रेट घटा कर बैंकों की जमा राशि पर ब्याज को कम कर दिया. आरबीआई की ओर से दी गई राहत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आभार जताया. उन्होंने कहा कि इससे छोटे व्यवसायों, एमएसएमई, किसानों और गरीबों को फायदा मिलेगा.

पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने ट्वीट में लिखा, 'आरबीआई की आज की घोषणाएं से नकदी प्रवाह बढ़ेगा और ऋण आपूर्ति में सुधार होगा. इन कदमों से हमारे छोटे व्यवसायों, एमएसएमई, किसानों और गरीबों को मदद मिलेगी. यह डब्ल्यूएमए की सीमा बढ़ाकर सभी राज्यों की मदद भी करेगा.'

इससे पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, 'कोरोना के कारण होने वाली कठिनाइयों के मद्देनजर आरबीआई की ओर से नकदी तरलता बनाए रखने, बैंक ऋण प्रवाह को प्रोत्साहित करने, वित्तीय तनाव कम करने और बाजारों के सामान्य कामकाज को सक्षम करने के उद्देश्य से कई कदम उठाए गए हैं.'

RBI ने क्या किया है ऐलान

कोरोना वायरस महासंकट से जूझ रही अर्थव्यवस्था में जान फूंकने के लिए आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को रिवर्स रेपो रेट में 0.25 फीसदी की कटौती का ऐलान किया, इसी के साथ बाजार में नकदी संकट ना आए इसके लिए भी 50 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त इंतजाम की बात कही.

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए RBI ने 50 हजार करोड़ की मदद दी. नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलमेंट को 25 हजार करोड़, स्मॉल इंडस्ट्री डेवलमेंट बैंक ऑफ इंडिया को 15 हजार करोड़ रुपये और नेशनल हाउंसिंग बैंक को 10 हजार करोड़ की राहत मिलेगी.

RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने बताया कि देश में बैंकों के पास पर्याप्त पैसा है. ATM सुचारू रूप से चल रहे हैं. अनाज की भी कमी नहीं है. हालांकि RBI ने माना कि ये अर्थव्यवस्था के लिए मुश्किल दौर है. उद्योगों पर कोरोना का असर पड़ रहा है. आईएमएफ के मुताबिक इस साल विकास दर गिरकर 1.9 फीसदी रहने का अनुमान है.



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