20 लाख करोड़ के विशेष आर्थिक पैकेज का एलान, हर तबके को मिलेगी राहत : मोदी
लॉकडाउन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्र को संबोधित कर रहे हैं। एक दिन पहले ही प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ कोरोना वायरस और लॉकडाउन के मसले पर चर्चा की थी। पीएम मोदी ने कहा था कि भले ही हम लॉकडाउन को क्रमबद्ध ढंग से हटाने पर गौर कर रहे हैं लेकिन हमें यह भी याद रखना चाहिए कि जब तक हम वायरस पर कारगर कोई वैक्सीन या उपाय नहीं ढूंढ लेते हैं तब तक वायरस से लड़ने के लिए हमारे पास सबसे बड़ा हथियार सामाजिक दूरी ही है।
पीएम मोदी ने कहा, आत्मनिर्भर भारत की ये भव्य इमारत, पाँच Pillars पर खड़ी होगी। पहला पिलर Economy एक ऐसी इकॉनॉमी जो Incremental change नहीं बल्कि Quantum Jump लाए दूसरा पिलर Infrastructure एक ऐसा Infrastructureजो आधुनिक भारत की पहचान बने।
पीएम मोदी ने कहा, आज हमारे पास साधन हैं, हमारे पास सामर्थ्य है, हमारे पास दुनिया का सबसे बेहतरीन टैलेंट है, हम Best Products बनाएंगे, अपनी Quality और बेहतर करेंगे, सप्लाई चेन को और आधुनिक बनाएंगे, ये हम कर सकते हैं और हम जरूर करेंगे। यही हम भारतीयों की संकल्पशक्ति है। हम ठान लें तो कोई लक्ष्य असंभव नहीं, कोई राह मुश्किल नहीं। और आज तो चाह भी है, राह भी है। ये है भारत को आत्मनिर्भर बनाना।
पीएम मोदी ने कहा, दुनिया को विश्वास होने लगा है कि भारत बहुत अच्छा कर सकता है, मानव जाति के कल्याण के लिए बहुत कुछ अच्छा दे सकता है। सवाल यह है - कि आखिर कैसे? इस सवाल का भी उत्तर है- 130 करोड़ देशवासियों का आत्मनिर्भर भारत का संकल्प।
पीएम मोदी ने कहा, जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रही दुनिया में आज भारत की दवाइयां एक नई आशा लेकर पहुंचती हैं। इन कदमों से दुनिया भर में भारत की भूरि-भूरि प्रशंसा होती है, तो हर भारतीय गर्व करता है।
पीएम मोदी ने कहा, इंटरनेशनल सोलर अलायंस, ग्लोबर वॉर्मिंग के खिलाफ भारत की सौगात है। इंटरनेशनल योगा दिवस की पहल, मानव जीवन को तनाव से मुक्ति दिलाने के लिए भारत का उपहार है।
पीएम मोदी ने कहा, जब भारत खुले में शौच से मुक्त होता है तो दुनिया की तस्वीर बदल जाती है। टीबी हो, कुपोषण हो, पोलियो हो, भारत के अभियानों का असर दुनिया पर पड़ता ही पड़ता है।
पीएम मोदी ने कहा, भारत की प्रगति में तो हमेशा विश्व की प्रगति समाहित रही है। भारत के लक्ष्यों का प्रभाव, भारत के कार्यों का प्रभाव, विश्व कल्याण पर पड़ता है।
पीएम मोदी ने कहा, जो पृथ्वी को मां मानती हो, वो संस्कृति, वो भारतभूमि, जब आत्मनिर्भर बनती है, तब उससे एक सुखी-समृद्ध विश्व की संभावना भी सुनिश्चित होती है।
पीएम मोदी ने कहा, विश्व के सामने भारत का मूलभूत चिंतन, आशा की किरण नजर आता है। भारत की संस्कृति, भारत के संस्कार, उस आत्मनिर्भरता की बात करते हैं जिसकी आत्मा वसुधैव कुटुंबकम है।
पीएम मोदी ने कहा, एन-95 मास्क का भारत में नाममात्र उत्पादन होता था। आज स्थिति ये है कि भारत में ही हर रोज 2 लाख PPE और 2 लाख एन-95 मास्क बनाए जा रहे हैं।
पीएम मोदी ने कहा, इतनी बड़ी आपदा, भारत के लिए एक संकेत लेकर आई है, एक संदेश लेकर आई है, एक अवसर लेकर आई है।
पीएम मोदी ने कहा, विश्व की आज की स्थिति हमें सिखाती है कि इसका मार्ग एक ही है- "आत्मनिर्भर भारत"
पीएम मोदी ने कहा, जब हम इन दोनों कालखंडों को भारत के नजरिए से देखते हैं तो लगता है कि 21वीं सदी भारत की हो, ये हमारा सपना नहीं, ये हम सभी की जिम्मेदारी है।
पीएम मोदी ने कहा, लेकिन थकना, हारना, टूटना-बिखरना, मानव को मंजूर नहीं है।
पीएम मोदी ने कहा, साथियों, एक वायरस ने दुनिया को तहस-नहस कर दिया है। विश्व भर में करोड़ों जिंदगियां संकट का सामना कर रही हैं। सारी दुनिया, जिंदगी बचाने की जंग में जुटी है।
पीएम मोदी ने कहा, सभी देशवासियों को आदर पूर्वक नमस्कार, कोरोना संक्रमण से मुकाबला करते हुए दुनिया को अब चार महीने से ज्यादा हो रहे हैं।
कयासों का दौर शुरू
पीएम नरेंद्र मोदी का यह संबोधन राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात
करने के ठीक अगले दिन होना है। पीएम के ऐलान को लेकर कयासों का दौर शुरू हो
गया है। सबसे ज्यादा कयास लॉकडाउन पर लग रहे हैं। सोशल मीडिया पर लॉकडाउन
4 को लेकर चर्चाएं तेज हैं।