देश के कई राज्यों में बाढ़ की स्थिति - CG Sandesh

देश के कई राज्यों में बाढ़ की स्थिति

बिहार में कई नदियां खतरे के निशान से उपर , असम में भी 4 दिन से हो रही बारिश से नदियों का बढा जल स्तर , एनडीआरएफ की टीमें तैनात , मौसम विभग ने कई राज्यों में भारी बारिश की जतायी आशंका.

मानसून की बारिश से देश के कई राज्य नदियों के बढ़ते जलस्तर के चलते बाढ़ जैसे हालात से जूझ रहे हैं। बिहार में कई नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है। नेपाल के तराई क्षेत्र में भारी बारिश होने के कारण कोसी बराज से दो लाख इकहत्तर हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद कोसी नदी के जलस्तर में भारी वृद्धि होने लगी है जिसके चलते बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. जिला प्रशासन बाढ़ से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है. 61 बाढ़ आश्रय स्थल और 118 अन्य स्थल को चिन्हित किया गया है।

भारी बारिश के चलते खगड़िया में भी बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. संभावित बाढ़ के खतरे के मद्देनजर जिले को हाइ अलर्ट पर रखा गया है। प्रशासन ने पर्याप्त संख्या में नाव की व्यवस्था की है और कई ऊंचे स्थानों को आश्रयस्थल के रूप में चिन्हित किया है। संभावित बाढ़ से जिले के करीब 120 गांवों की 1 लाख 22 हजार आबादी प्रभावित हो सकती है. राहत और बचाव को लेकर SDRF भी एलर्ट पर है.

इस बीच बिहार, उत्तराखंड और उत्तरी  पंजाब, हरियाणा, पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में दो दिन तक भारी बारिश की संभावना है. बिहार, प. बंगाल और झारखंड में अगले 24 घंटों में आँधी और बिजली का पूर्वानुमान है. मौसम विभाग ने पूर्वोत्तर के राज्यों सिक्किम,मिज़ोरम, नगालैंड में अगले 3 दिनों में बहुत भारी वर्षा का अनुमान व्यक्त किया है. अरुणाचल प्रदेश में शनिवार को वर्षा में कमी देखी गई लेकिन पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश की वजह से नदियाँ उफान पर हैं, भूस्खलन से कई जगह पर सड़कें अवरुद्ध हैं.

सियांग नदी में बढ़ते जलस्तर का असर असम के कई ज़िलों पर पढ़ सकता हैं...दिबांग नदी में उफान से दिबांग ब्रिज भी प्रभावित हो रहा है. ईटानगर में भी वर्षा से नुकसान की खबर है. हॉज-पोतिन राजमार्ग भी कई स्थान पर क्षतिग्रस्त हो गया है और इस मार्ग पर परिवहन सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हैं. राज्य सरकार ने सहायता के लिए 5 रिजनल रिस्पोन्स सेंटर बनाए हैं, SDRF, NDRF को हाई एलर्ट पर रखा गया है. इटानगर में ज़िला प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं.

असम में पिछले 4 दिन से लगातार हो रही वर्षा से रुपोही, पहुमारा नदियों में जलस्तर बढ़ने से बारपेटा ज़िले के कई गाँव बाढ़ का संकट झेल रहे हैं. एन डी आर एफ ने 236 गाँव वालों को बचाकर सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया. एन डी आर एफ की 9 टीमें असम में  जोरहाट, बोंगईगांव, कामरूप मेट्रो, बारपेटा, कछार, शिवसागर, सोंनितपुर, धेमाजी और तिनसुकिया में तैनात हैं.


अन्य सम्बंधित खबरें