एम्स के डायरेक्टर बोले- कोरोना काल के बाद किसी अच्छी जगह जाकर 4-5 दिन आराम करना चाहता हूं
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के डायरेक्टर डॉक्टर रणदीप गुलेरिया (Dr Randeep Guleria) इन दिनों काफी ज्यादा व्यस्त रहते हैं। 61 साल के गुलेरिया देश में कोरान के क्लीनिकल रिसर्च ग्रुप के प्रमुख हैं। उनकी जिम्मेदारी है देश भर के डॉक्टरों को कोरोना के इलाज के लिए गाइड करना, साथ ही मरीजों से मिलना। वो ज्यादातर वक्त देश भर के हॉस्पिटल का दौरा करते रहते हैं। इसके अलावा डॉक्टर गुलेरिया कोरोना को लेकर दुनिया भर में होने वाले रिसर्च पर भी नजर रखते हैं। कोरोना के इलाज को लेकर किस तरह की रणनीति अपनानी है ये सब डॉक्टर गुलेरिया की जिम्मेदारी है। लिहाज़ा दिन भर वो काम में लगे रहते हैं। ऐसे में उनका कहना है कि कोरोना काल के बाद वो किसी अच्छी जगह 4-5 दिनों के लिए आराम करना चाहते हैं।
परिवार से भी मिलने का वक्त नहींडॉक्टर गुलेरिया के परिवार में पत्नी, बेटा और बहू सब डॉक्टर हैं। बेटा और पत्नी दोनों कोविड हॉस्पिटल में काम करते हैं। डॉक्टर गुलेरिया ने बताया कि कई दिनों से वो तीन अलग-अलग कमरे में रहे हैं और 10 दिनों तक मुलाकात नहीं हो पाती है। उन्होंने कहा, 'हममें से कोई भी किसी कोरोना मरीज़ के सम्पर्क में आ सकते हैं। हमलोग निगेटिव टेस्ट आने के बाद या फिर एक दूसरे में कोरोना के लक्षण न आने के बाद मिलते हैं।'
अब तक सिर्फ एक बार कोरोना टेस्टडॉक्टर गुलेरिया ने बताया कि अब तक उन्होंने सिर्फ एक बार कोरोना का टेस्ट कराया है और वो भी शुरुआती महीनों में। उन्होंने बताया कि ये टेस्ट उन्हें इसलिए करवाना पड़ा क्योंकि उन्होंने एक ऐसे मरीज़ को देखा था, जो बाद में कोरोना पॉजिटिव निकला था। इसके बाद से डॉक्टर गुलेरिया ने एक बार भी टेस्ट नहीं कराया है।
मास्क बेहद जरूरीडॉक्टर गुलेरिया ने बताया कि बिना मास्क के वो कभी भी घर से बाहर नहीं निकलते हैं। उन्होंने कहा, 'मैं घर से बाहर निकलने के बाद दिन भर मास्क लगाता हूं। सिर्फ ऑफिस में अकेला रहने पर मैं अपना मास्क खोलता हूं। मैं मीटिंग में भी हमेशा मास्क लगा कर बैठता हूं। मैं ग्लब्स लगाना पसंद नहीं करता हूं। इसके अलावा मैं पॉकेट में हमेशा सैनेटाइज़र रखता हूं। साथ ही मैं फ्लाइट में ज्यादा सावधानियां बरतने की कोशिश करता हूं।'
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