कोरोना काल में अश्लील गानों पर बार बालाओं का डांस, नाचने पहुंचे लोग
समस्तीपुर में कोरोना के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ये आंकड़ा 2464 तक जा पहुंचा है। कोरोना संक्रमण के चलते बिहार सरकार ने लॉकडाउन लगाया हुआ है। इसके बावजूद कृष्ण जन्माष्टमी की मूर्ति विसर्जन के बाद लॉकडाउन की जमकर धज्जियां उड़ाई गईं। गांव के कुछ युवायों ने विसर्जन के बाद एक आर्केस्ट्रा का आयोजन किया। जिसमें अश्लील गानों पर बार-बालाओं के साथ गांव के हजारों युवकों ने जमकर ठुमके लगाए।
ये मामला चकमेहसी थाना के सोरमार हाट का है। बताया जा रहा है कि कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर मूर्ति का विसर्जन किया गया था। इसी अवसर पर युवाओं की टोली ने एक आर्केस्ट्रा का आयोजन किया। इस आर्केस्ट्रा में हजारों युवक शामिल हुए और बार बालाओं के साथ अश्लील गानों पर नाचते हुए नजर आए।इस दौरान न तो सामाजिक दूरी का ख्याल रखा गया और न ही लॉकडाउन के किसी नियम का पालन किया गया। वहीं, कई लोगों ने सवाल उठाते हुए कहा कि जहां बिहार सरकार कोरोना से बचने के लिए लॉकडाउन लगा रही है और लोगों से घरों में रहने की अपील कर रही है। इस बीच इस तरह का आयोजन एक बड़ी लापरवाही साबित हो सकती है।
लॉकडाउन में बोरियत को दूर करने के लिए हुआ आयोजनआरोप है कि कोरोना काल में कई महीनों से बोर हो रहे कुछ युवाओं की टोली ने कृष्ण जन्माष्टमी के नाम पर चंदा इकट्ठा किया और उसी राशि से आर्केस्ट्रा कराने का प्लान बनाया था। कुछ पैसे पूजा में खर्च होने के बाद युवाओं की टोली ने बचा हुआ चंदा लगाकर दूसरे जिले से बार बालाओं को आर्केस्ट्रा के साथ बुलाया।यही नहीं, इस आयोजन के तहत देर रात अश्लील गानों पर बार बालाओं का डांस शुरू हुआ। जिसके बाद लोगों की भीड़ भोजपुरी गानों पर थिरकती नजर आई। तो दूसरी ओर कुछ लड़के बार बालाओं के साथ नाचते नजर आए। पूरे आयोजन के दौरान न तो किसी के चहरे पर कोरोना संक्रमण का डर नजर आ रहा था और न ही नियमों के उल्लंघन पर प्रशासनिक कार्रवाई का डर दिख रहा था।
ये मामला चकमेहसी थाना के सोरमार हाट का है। बताया जा रहा है कि कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर मूर्ति का विसर्जन किया गया था। इसी अवसर पर युवाओं की टोली ने एक आर्केस्ट्रा का आयोजन किया। इस आर्केस्ट्रा में हजारों युवक शामिल हुए और बार बालाओं के साथ अश्लील गानों पर नाचते हुए नजर आए।इस दौरान न तो सामाजिक दूरी का ख्याल रखा गया और न ही लॉकडाउन के किसी नियम का पालन किया गया। वहीं, कई लोगों ने सवाल उठाते हुए कहा कि जहां बिहार सरकार कोरोना से बचने के लिए लॉकडाउन लगा रही है और लोगों से घरों में रहने की अपील कर रही है। इस बीच इस तरह का आयोजन एक बड़ी लापरवाही साबित हो सकती है।
लॉकडाउन में बोरियत को दूर करने के लिए हुआ आयोजनआरोप है कि कोरोना काल में कई महीनों से बोर हो रहे कुछ युवाओं की टोली ने कृष्ण जन्माष्टमी के नाम पर चंदा इकट्ठा किया और उसी राशि से आर्केस्ट्रा कराने का प्लान बनाया था। कुछ पैसे पूजा में खर्च होने के बाद युवाओं की टोली ने बचा हुआ चंदा लगाकर दूसरे जिले से बार बालाओं को आर्केस्ट्रा के साथ बुलाया।यही नहीं, इस आयोजन के तहत देर रात अश्लील गानों पर बार बालाओं का डांस शुरू हुआ। जिसके बाद लोगों की भीड़ भोजपुरी गानों पर थिरकती नजर आई। तो दूसरी ओर कुछ लड़के बार बालाओं के साथ नाचते नजर आए। पूरे आयोजन के दौरान न तो किसी के चहरे पर कोरोना संक्रमण का डर नजर आ रहा था और न ही नियमों के उल्लंघन पर प्रशासनिक कार्रवाई का डर दिख रहा था।
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