पूर्व अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटर और उत्तर प्रदेश के मंत्री चेतन चौहान का निधन
पूर्व भारतीय क्रिकेटर और उत्तर प्रदेश के मंत्री चेतन चौहान का आज 73 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। चेतन चौहान को पिछले महीने लखनऊ के पी.जी.आई. अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां वो कोरोना संक्रमित पाए गए थे। उसके बाद गुरूग्राम के मेदांता अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों के अनुसार एक साथ शरीर के कई अंगों के काम नहीं करने के कारण उनका निधन हो गया।
12 साल के अपने क्रिकेट करियर में चेतन चौहान ने 40 टेस्ट मैचों में दो हजार 84 रन बनाए। उन्होंने दो विकेट भी लिए। उनके नाम 16 अर्धशतक भी दर्ज हैं। सुनील गावस्कर के साथ उनकी सलामी जोड़ी दुनियाभर में मशहूर रही। दोनों ने सलामी जोड़ी के तौर पर तीन हजार से ज्यादा रन बनाए, जिसमें 12 बार शतकीय साझेदारी भी शामिल है। 1981 में उन्हें अर्जुन पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया।
चौहान उत्तर प्रदेश के अमरोहा से 1991 और 1998 में दो बार लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उत्तर प्रदेश के मंत्री और पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी चेतन चौहान के निधन पर शोक व्यक्त किया। एक ट्वीट में राष्ट्रपति ने कहा कि एक सधा हुआ क्रिकेट खिलाड़ी होने के साथ ही चेतन चौहान एक बेहतरीन सांसद और जमीन से जुड़े हुए राजनीतिज्ञ भी थे।
उप-राष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने पूर्व क्रिकेटर और उत्तर प्रदेश के मंत्री चेतन चौहान के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उप-राष्ट्रपति ने कहा कि चेतन चौहान ने क्रिकेट के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया तथा सांसद के रूप में दो कार्यकाल तक सेवा दी।
चेतन चौहान के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने एक ट्वीट में कहा कि उन्होंने जीवन-पर्यंत देश की सेवा की। वह पहले एक खिलाड़ी थे और बाद में जनसेवक हो गए। गृह मंत्री ने कहा कि चेतन चौहान का निधन भारतीय राजनीति और क्रिकेट के लिए बड़ा नुकसान है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्य के अन्य मंत्रियों ने पूर्व क्रिकेटर और अपने सहयोगी चेतन चौहान को कैबिनेट की बैठक में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चेतन चौहान के निधन को अपूरणीय क्षति बताया।