सीबीएसई का महत्वपूर्ण कदम, स्कूलों के वर्चुअल निरीक्षण की शुरुआत की
कोविड 19 महामारी के मद्देनजर सीबीएसई ने मिडिल से सेकंडरी और सेकंडरी से सीनियर सेकंडरी स्कूल में अपग्रेड के लिए आवेदन करने वाले स्कूलों को बड़ी राहत दी है। बोर्ड ने इस महीने से इन स्कूलों के वर्चुअल निरीक्षण की शुरुआत की है। इस कदम से सीबीएसई से मान्यता प्राप्त स्कूलों की संबद्धता को अपग्रेड करने में लगने वाले समय और खर्च में बचत होगी।
दरअसल सीबीएसई के संबद्धता नियमों के मुताबिक मान्यता प्राप्त स्कूलों को मिडिल से सेकंडरी स्तर और सेकंडरी से सीनियर सेकंडरी स्तर में अपग्रेड करने के आवेदन करना होता है। स्कूल के योग्यता की जांच के लिए सीबीएसई एक निरीक्षण समिति नियुक्त करती है जो स्कूल में जाकर निरीक्षण करती है। लेकिन कोविड महामारी की वजह जब स्कूल बंद हैं, सीबीएसई के लिए इस प्रक्रिया को आगे बढ़ा पाना मुश्किल हो रहा था।
ऐसे में स्कूलों की मुश्किलों को दूर करने के मकसद से बोर्ड ने वर्चुअल निरीक्षण की शुरुआत की। इसका फायदा 2019-20 और 2020-21 सत्र के दौरान संबद्धता अपग्रेड करने के लिए आवेदन करने वाले करीब एक हज़ार स्कूलों को मिलेगा।
सीबीएसई ने स्कूलों के वर्चुअल निरीक्षण के लिए मानक संचालन प्रक्रिया भी तय की है, जो एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रियल टाइम में काम करती है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर, मसलन, अतिरिक्त क्लास रूम, लैब, कक्षाओं के लिए शिक्षकों की उपलब्धता और विषयों की जरूरत वगैरह का निरीक्षण किया जाएगा और इसके आधार पर ही स्कूलों को अपग्रेड किया जाएगा। इसके लिए स्कूल और निरीक्षण समिति के सदस्यों को महज एक स्मार्टफोन या टैब, एक आईपैड या लैपटॉप और हाई स्पीड वाई फाई इंटरनेट कनेक्टिविटी की जरूरत पड़ेगी।