गुजरात, राजस्थान और कर्नाटक बारिश से बेहाल
देश का अधिकतर राज्य बारिश और बाढ़ की चपेट में हैं. गुजरात जहां बाढ़ की विभिषिका के बुरी तरह प्रभावित हो चुका है वहीं राजस्थान में चंबल नदी का जलस्तर भारी इजाफा हुआ है. बाढ़ से बेहाल कर्नाटक का उत्तरी इलाके में मुख्यमंत्री येदियुरप्पा ने दौरा कर स्थिति का आकलन किया।
राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल की टीम ने गुजरात के मोरबी जिले के चिकाली गांव में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से फंसे 30 लोगों को बचाया, जो पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश के कारण बाढ़ में फंस गए थे। पिछले कुछ दिनों से गुजरात के कई हिस्सों में लगातार तेज बारिश हो हो रही है जिससे बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गये हैं। कच्छ जिले में इस मॉनसून की दो सौ प्रतिशत से अधिक बारिश हो चुकी है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक पूर्वी राजस्थान, पश्चिम राजस्थान और गुजरात के सौराष्ट्र और कच्छ में भारी से भारी बारिश की आशंका जाहिर की है।
उधर, कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा ने राज्य के बेलागावी और धारवाड़ के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। उन्होंने कहा कि भारी वर्षा और बाढ़ से हुए नुकसान का विस्तृत आकलन किया जाएगा। जल्द ही केंद्र सरकार से समुचित मुआवजे की मांग करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेलगावी में प्राकृतिक आपदा से 44 हजार से अधिक बेघर हुए लोगों को 488 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया गया है। उत्तर प्रदेश में भी बाढ़ से 17 जिलों में 1166 गांव बुरी तरह प्रभावित हैं। लखीमपुर में शारदा बाराबंकी अयोध्या और बलिया में सरयू नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। राहत और बचाव कार्य में 17 एनडीआरएफ की टीम, एस़़डीआरएफ, पीएसी और पुलिस प्रशासन दिन-रात काम कर रही है। राहत केंप में कोविड-19 से बचाव के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं.
अयोध्या में सरयू का जलस्तर खतरे के निशान से 25 सेंटीमीटर ऊपर है और नेपाल से पानी छोड़े जाने के साथ ही बरसात के कारण जलस्तर के बढ़ने और घटने के बीच रुदौली सोहावल और सदर तहसील क्षेत्र के तटीय क्षेत्र स्थित दर्जनों गांव बाढ़ से प्रभावित है। चमोली ज़िले के के पोखरी तहसील के ताली कंसारी गांव में सोमवार देर रात हुई भारी बारिश के चलते भारी मलबा गांव की ओर आ गया और इसकी चपेट में आकर गांव का पंचायत भवन मलबे में बदल गया। इस पंचायत भवन में रह रहे चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायलों को सीएचसी पोखरी में भर्ती कराया गया है.
बाढ़ के मोर्चे पर बिहार से राहत की खबर है। प्रभावितों जनसंख्या में कमी नहीं आई है। अभी भी 16 जिलों के 130 ब्लॉकों की 1333 पंचायतें अभी भी बाढ़ के प्रकोप का सामना कर रही हैं। मौजूदा बाढ़ के कहर में 27 लोगों की जान चली गई है। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, गंगा नदी के जलस्तर में कमी आई है। विभाग के अपर सचिव रामचंदरुडु ने बताया कि अबतक 10 लाख 48 हज़ार परिवारों को 6 हजार प्रति परिवार की राहत राशि डीबीटी के माध्यम से प्रदान की गई है। जबकि 174 सामुदायिक रसोई घरों के माध्यम से एक लाख 38 हज़ार परिवारों को पका हुआ भोजन दिया जा रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक नेपाल में बागमती और अधवारा नदियों के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश हुई है। इससे बिहार में इन नदियों में जल स्तर बढ़ने की संभावना है।