पुलवामा आतंकी हमले के लिए पाकिस्तान से भेजे गए थे पैसे, एनआईए की चार्जशीट में खुलासा
पुलवामा आतंकी हमले को अंजाम देने के लिए जैश ए मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर के भतीजे मोहम्मद उमर फारूक के पाकिस्तानी बैंक खातों में करीब 10 लाख रुपए जमा कराए गए थे. इस आतंकी हमले के लिए दाखिल चार्जशीट में राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी एनआईए ने यह खुलासा किया है.
उमर फारूक इस मामले का मुख्य आरोपी भी है, जो हमले के कुछ दिन बाद सुरक्षाबलों के साथ हुए एक मुठभेड़ में मारा गया था. डीडी न्यूज़ को उन पाकिस्तानी बैंक अकाउंट की एक्सक्लूसिव जानकारी मिली है, जिसमें आतंकी हमले के लिए पैसे जमा कराए गए थे. इनमें से एक अकाउंट Allied Bank में है, जबकि दूसरा अकाउंट Meezan Bank में है. चार्जशीट में के जरिए एनआईए ने ये सभी जानकारियाँ कोर्ट को सौंपी हैं.
इसके अलावा एनआईए को वॉइस क्लिप भी मिले हैं, जिसमें उमर, जैश के आकाओं रऊफ असगर और अम्मार अल्वी से हमले के लिए अपने पाकिस्तानी बैंक अकाउंट में पैसे जमा कराने की बात कर रहा है. सबूत इस बात के भी मिले हैं कि पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकी कैंपों पर हुए एयर स्ट्राइक के बाद रऊफ असगर ने उमर को जम्मू कश्मीर में लड़ाकू विमानों की आवाजाही पर नजर रखने और जानकारी देने के लिए कहा था. ये सभी सबूत NIA की चार्जशीट का हिस्सा हैं.
उमर अपने सहयोगियों से इस बात की भी चर्चा करता था कि किसी भी सूरत में भारत और पाकिस्तान के बीच लड़ाई होनी चाहिए, ताकि पाकिस्तान से भारत के भीतर आतंकियों की घुसपैठ कराई जा सके. चार्जशीट में इस बात का भी जिक्र है की उमर चाहता था की कश्मीर के युवाओं को बरगलाने के लिए भारतीय जवानों के क्षत-विक्षत शव वाले वीडियो दिखाए जाएं.
इसके साथ ही जैश-ए-मोहम्मद के आका यह चाहते थे कि पुलवामा के बाद फिदायीन हमलावर आदिल दर को दिखाते हुए एक ऐसा वीडियो बनाया जाए, जिसमें उसे शहीद बताया जाए. इस वीडियो का भी इस्तेमाल कश्मीर में आग लगाने और युवाओं को भड़काने के लिए किया जाने वाला था. हालांकि बालाकोट हमले के बाद उमर को इन योजनाओं को कुछ दिन के लिए स्थगित करने के लिए कहा गया था.
चार्जशीट के मुताबिक उमर फारूक विस्फोटकों की ट्रेनिंग लेने के लिए 2016-17 में अफगानिस्तान स्थित आतंकी कैंप में भी गया था. साल 2018 में जम्मू- सांबा सेक्टर के बीच अंतरराष्ट्रीय सीमा के जरिए उसने भारत में घुसपैठ किया था. इसके बाद उमर को जैश ए मोहम्मद का पुलवामा कमांडर बनाया गया था. उमर ने ही अपने पाकिस्तानी सहयोगियों मोहम्मद इस्माइल, कारी यासिर और स्थानीय सहयोगी समीर दर और आदिल अहमद दर के साथ सुरक्षाबलों पर हमले की योजना बनाई और आईडी भी तैयार किया था.
NIA की चार्जशीट में इन सभी सबूतों का विस्तार से जिक्र किया गया है. इतना नहीं कोर्ट को उमर फारूक के पाकिस्तानी पहचान पत्र के बारे में भी जानकारी सौंपी गई है. ताज़ा खुलासों से आतंक को समर्थन देने वाला पाकिस्तान एक बार फिर बेनक़ाब हुआ है.