समृद्ध राष्ट्र के निर्माण के लिए उचित पोषण महत्वपूर्ण: पीएम
पोषण माह का उद्देश्य प्रत्येक के लिए पोषण और स्वास्थ सुनिश्चित करने में जन भागीदारी को प्रोत्साहन देना है. देश में कोविड महामारी की स्थिति को देखते हुए मंत्रालय सभी पक्षों को पोषण माह मनाने के लिए डिजिटल प्लेटफार्म को प्रोत्साहित कर रहा है.
कुपोषण मुक्त भारत का सपना साकार करने के लिए सरकार ने पोषण माह की शुरुआत की. बच्चों और महिलाओं में कुपोषण की समस्या से निपटने के लिए तीसरा राष्ट्रीय पोषण माह मनाया जा रहा है. समृद्ध राष्ट्र के निर्माण के लिए उचित पोषण को जरूरी बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुपोषण हटाने को लेकर देशभर में जागरूकता के प्रसार की अपील की. पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा कि पोषण अभियान का यह प्रयास भारत के युवा एवं महिला शक्ति की मदद करेगा. "चलिए 'लोकल फॉर पोषण' बना जाए. हमारे देश में बहुत से सेहतमंद भोजन बनते हैं जिनमें पोषक तत्व बहुत अधिक होते हैं. उन्हें 'mygovindia' पर विशेष रूप से तैयार जगह पर साझा करें. कामना है कि आपकी पारिवारिक पाक विधि पोषक एवं स्वस्थ भारत के निर्माण में योगदान देगी." पीएम मोदी ने भी अपने 'मन की बात' कार्यक्रम में पोषण की महत्ता पर जोर दिया था.
गृहमंत्री
अमित शाह ने तृतीय राष्ट्रीय पोषण माह के अवसर पर सभी नागरिकों से एक
कुपोषण मुक्त भारत बनाने का संकल्प लेने और उस दिशा में काम करने की अपील
की. अपने ट्वीट में अमित शाह ने कहा कि "बच्चों, गर्भवती महिलाओं और
स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए पर्याप्त पोषण हमेशा से प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी की उच्च प्राथमिकता रही है. 2018 में पीएम मोदी द्वारा शुरू
किया गया पोषण अभियान देश से कुपोषण को मजबूती से खत्म करने में एक
अभूतपूर्व भूमिका निभा रहा है."
केंद्रीय महिला बाल विकास मंत्री
स्मृति ईरानी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से देश की
इतिहास में एक अनोखा प्रयास किया जा रहा है.
केंद्रीय सूचना एवं
प्रसारण मंत्री ने भी पोषण के महत्व को बताते हुए नागरिकों से अपने क्षेत्र
या परिवार में प्रचलित पौष्टिक स्थानीय व्यंजन बनाने की विधि को
@mygovindia पर साझा करने का आग्रह किया.
उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने पोषण अभियान का थीम सांग लांच किया.
महिला और बाल विकास मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया पोषण अभियान हर वर्ष
सितंबर महीने में मनाया जाता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ मार्च
2018 में देश को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए पोषण अभियान शुरु किया था. अब
तक इस योजना का लाभ 10 करोड़ लोगों को मिल चुका है. तीन साल तक चलने वाली
इस योजना के लिए सरकार द्वारा 9046 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की योजना है.