पीएम मोदी और डेनमार्क के पीएम के बीच आज होगा द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज डेनमार्क के प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन के साथ वर्चुअल द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन में हिस्ला लेंगे। इस सम्मेलन की मेजबानी भारत कर रहा है। कोरोना काल में हो रहे इस सम्मेलन से दोनों देशों के आपसी संबंधों को एक नया आयाम मिलने की उम्मीद है।
यूरोपीय संघ के देशों के साथ साझेदारी बढ़ाने की कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डेनमार्क की पीएम मेटे फ्रेडरिक्सन आज एक द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए हो रहे इस वर्चुअल सम्मेलन के दौरान दोनों देशों के बीच बौद्धिक संपदा सहयोग से जुड़ा एक समझौता होगा। इसके साथ ही डेनमार्क अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन में भी शामिल होगा।
विदेश मंत्रालय के मुताबिक पीएम मोदी और प्रधानमंत्री फ्रेडरिक्सन के बीच होने वाली यह शिखर बैठक, द्विपक्षीय संबंधों के मौजूदा ढांचे की समीक्षा और उसे मजबूत करने के लिहाज से काफी अहम होगी। भारत और डेनमार्क के बीच जहां 70 साल से राजनयिक रिश्ते हैं, वहीं ऐतिहासिक सम्बन्ध करीब 400 साल पुराने हैं। भारत को दुग्ध उत्पादन में मिली कामयाबी यानी 'श्वेत क्रांति' में डेनमार्क का अहम योगदान है।
इसके साथ ही पवन ऊर्जा क्षेत्र को विकसित करने में भी डेनमार्क का सहयोग मिला है। भारत और डेनमार्क के बीच द्विपक्षीय व्यापार में बीते तीन सालों के दौरान 30 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज़ की गई है। लगभग 200 डेनिश कंपनियों ने भारत में शिपिंग, नवीकरणीय ऊर्जा, पर्यावरण, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, स्मार्ट शहरी विकास समेत 'मेक इन इंडिया' की अनेक परियोजनाओं में निवेश किया है।
वहीं डेनमार्क में लगभग 25 भारतीय कंपनियां आईटी, नवीन ऊर्जा और इंजीनियरिंग क्षेत्र में काम कर रहीं हैं। कोरोना काल में हो रहे इस सम्मेलन से दोनों देशों के आपसी संबंधों को एक नया आयाम मिलने की उम्मीद है।