चीन के खिलाफ अमेरिका की एक और कार्रवाई, 5 बड़ी कंपनियों पर लगाया बैन
डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन (Donald Trump Administration) ने चीन पर एक बड़ा
एक्शन लिया है. दरअसल, ट्रंप प्रशासन ने चीनी कंपनियों के खिलाफ नया आयात
प्रतिबंध (New Import Restrictions) लगाया है. ट्रंप प्रशासन का आरोप है कि
चीन के पश्चिम शिनजियांग क्षेत्र (Xinjiang Region) में जिन प्रोडक्ट्स का
उत्पादन होता है
वहां के कैंपों में लोगों से गुलाम (Slave Labour) या यूं कहें कि जबरन बंधुआ मजदूर बनाकर काम कराया जाता है.
चीन ने किया लोगों के मानवधिकारों का हनन
अमेरिका ने चीन के पश्चिमी शिनजियांग (Xinjiang) प्रांत के जिस सामान को
प्रतिबंधित किया है कि उसमें संदिग्ध सामूहिक जेल शिविरों के उत्पाद भी
शामिल हैं.
हाल के दिनों में अमेरिका ने चीन के खिलाफ तमाम कड़े कदम उठाए हैं. इसके बाद ट्रंप प्रशासन ड्रैगन के खिलाफ एक नया US ट्रेड एक्शन लिया है. अमेरिका ने शिनजियांग क्षेत्र में मानवाधिकारों के हनन (Human Rights Abuses) के आरोपों को ध्यान में रखते हुए यह कार्रवाई की है. नए एक्शन में अमेरिका ने चीनी अधिकारियों और व्यवसायों को टारगेट किया है.
चीन की इन कंपनियों पर लगा प्रतिबंधबता दें कि चीन के शिनजियांग (Xinjiang) में पांच कंपनियां और पूर्वी अनहुई प्रांत में एक है.
इन कंपनियों में परिधान, कपास यानी सूती, कंप्यूटर पार्ट्स और बाल के प्रोडक्ट्स (Hair Procudts) का निर्माण होता है. इस तरह के माल को अमेरिका ने ब्लॉक कर दिया है. यही वो कंपनियां हैं जो संयुक्त राज्य अमेरिका के सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा (USCBP) के नए प्रतिबंध के दायरे में आती हैं.
लोगों को बनाया जाता है गुलाम
अमेरिका के नए प्रतिबंध के आदेश में 5 कंपनियों के अलावा शिनजियांग का
व्यावसायिक कौशल शिक्षा और प्रशिक्षण केंद्र का भी नाम शामिल है.
यह शब्द-
व्यावसायिक कौशल शिक्षा और प्रशिक्षण केंद्र का उपयोग बीजिंग द्वारा उन
बड़े शिविरों के लिए किया जाता है जहां मुस्लिम अल्पसंख्यकों (Muslim
Minorities) को कैदियों की तरह हिरासत में लिया जाता है और फिर बंधुआ मजदूर
के रूप में इस्तेमाल कर उनसे जबरन मनमाने तरीके से काम कराया जाता है.
लिहाजा अमेरिका ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए चीन के शिनजियांग प्रांत से
आने वाले उत्पादों पर प्रतिबंध लगा दिया है.