दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के खिलाफ तीनों निगमों ने अपनाई जीरो टॉलरेंस की नीति
दिल्ली (Delhi) में बढ़ते प्रदूषण (Pollution) के मद्देनजर धूल और वायु
प्रदूषण के विरुद्ध निगमों ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है. यह जानकारी
दिल्ली भाजपा प्रदेश के मीडिया प्रमुख नवीन कुमार ने दी. वे प्रदूषण की
रोकथाम के लिए दिल्ली के तीनों नगर निगमों (MCD) द्वारा किए जा रहे कार्यों
की जानकारी दे रहे थे.
निगम ने तीन दिन में काटे 3 करोड़ रुपये के चालान
नवीन कुमार ने बताया कि सभी वॉर्ड के पार्षद स्वीपिंग
मशीनों की मदद से दिन-रात सड़क की सफाई करवा रहे हैं. स्प्रिंकलर के माध्यम
से पानी का छिड़काव कर धूल बैठाने का काम हो रहा है. हाई प्रेशर जेट स्प्रे
पावर मशीन से पेड़ धोने का काम किया जा रहा है. सभी जोन में भवन विभाग
द्वारा निर्माण स्थलों का भी निरीक्षण किया जा रहा है और
नियमों का पालन न करने वालों पर कड़ी कार्रवाई और जुर्माना लगाया जा रहा है. उन्होंने बताया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर पिछले दिनों तीनों निगमों ने लगभग 3 करोड़ रुपये के चालान काटे हैं.
दिल्ली सरकार साजिशन बढ़ा रही है दिल्ली में प्रदूषण
मीडिया
प्रमुख नवीन कुमार ने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार (Delhi government)
द्वारा लगातार कई साइटों पर चल रहे कार्यों के माध्यम से प्रदूषण के स्तर
में वृद्धि हो रही है, जो आम आदमी पार्टी सरकार साजिशन कर रही है. जबकि
प्रदूषण रोकने के लिए तीनों नगर निगमों द्वारा प्लास्टिक वेस्ट को रिसाइकल
करने के लिए एफसीटीएस प्वाइंट बनाए गए हैं.
कॉलोनियों में 100 प्रतिशत गीला
कूड़ा प्रोसेस कर कम्पोस्ट खाद तैयार की जा रही है. तीनों निगमों के
अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में कूड़ा जलाने पर प्रतिबंध है.
निरीक्षण टीमों
का नियमित दौरा कराया जा रहा है. कूड़ा इत्यादि जलानेवालों के विरुद्ध
एक्शन लिया जाता है, चालान काटा जाता है. निगम के सभी वॉर्डों में नाइट
पेट्रोलिंग टीम को लगाया गया है. प्रदूषण की रोकथाम के साथ व्यायाम के जरिए
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने हेतु लोगों को जागरूक करने का काम किया जा रहा
है और इसी संदर्भ में आज उत्तरी दिल्ली नगर निगम महापौर जय प्रकाश ने ओपन
जिम का उद्घाटन किया है. पार्क में ज्यादा से ज्यादा पेड़ पौधे लगाए जा रहे
हैं.
अब तक दिल्ली सरकार ने निगम को नहीं दिया फंड
उन्होंने कहा कि कोरोना संकट के बीच भी दिल्ली सरकार ने
नगर निगम का फंड नहीं दिया, जिसके कारण बिना वेतन के नगर निगम कर्मचारियों
ने अपने स्वास्थ्य की परवाह किए बगैर काम किया. उन्होंने दिल्ली सरकार से
अपील है कि नगर निगम का बकाया फंड जल्द से जल्द जारी करें ताकि कर्मचारियों
को वेतन मिल सके और वह और भी अच्छे ढंग से काम कर सके.