खतरनाक रसायन युक्त सैनिटाइजर से जल्द मिलेगा छुटकारा
कोरोना वायरस से बचाव के लिए अल्कोहल आधारित सैनिटाइजर से बार-बार हाथ धोने के कारण होने वाली खारिश, खुश्की से जल्द ही निजात मिलने वाली है। नए स्टार्टअप्स केमिकल सैनिटाइजर से इतर ऐसे उत्पाद विकसित करने में जुटे हैं, जो पूरी तरह से रसायन मुक्त होंगे।
स्वच्छता प्रौद्योगिकी वाली 10 कंपनियां इस दिशा में कार्य कर रही हैं। कीटाणुनाशक और सैनिटाइजर के निर्माण के लिए उद्यमिता विकास बोर्ड, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, सोसाइटी फॉर इनोवेश एंड एंटरप्रन्योरशिप और आईआईटी बॉम्बे काम कर रहे हैं।
मुंबई स्थित स्टार्ट-अप इन्फ्लॉक्स वाटर सिस्टम को अति प्रदूषित पानी को
ट्रीट करने की दक्षता हासिल है। उन्होंने कोरोना की लड़ाई के लिए अपनी
तकनीक को संशोधित कर वज्र नाम से एक उपकरण तैयार किया है, जो कोरोना से
निकलने वाले अपशिष्ट और वायरस को खत्म करने में सक्षम है।
वज्र कीटाणुशोधन की एक शृंखला है जो कई चरणों में कीटाणुनाशक प्रक्रिया को अंजाम देता है। ऐसे ही अन्य स्टार्ट-अप भी इस काम में जुटे हैं।