क्या बैंकों से पैसे निकालने और जमा करने पर अब भी देना होगा चार्ज? जानें क्या है इस खबर की सच्चाई...
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे खबर में दावा किया जा रहा था कि अब बैंकों में
पैसा जमाा करने और निकालने पर भी पैसा देना होगा. खबर में बताया गया था कि
बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) समेत कई बैंकों ने किसी भी ट्रांजैक्शन
से जुड़े नियमों में बदलाव किया है. इसके अलावा जनधन खातों पर भी यह नियम
लागू होगा. हालांकि जब खबर की पड़ताल की गई तो ये तथ्य गलत निकले. बता दें
कि बैंक ऑफ बड़ौदा ने कुछ नियमों में बदलाव का फैसला किया था, हालांकि
कोरोना संकट की वजह से अब वह अपने फैसले से पीछे हट चुका है.
एक मीडिया रिपोर्ट ने दावा किया है कि कुछ बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के
बैंकों ने बचत खातों में नकद जमा व नकद निकासी के लिए अपने चार्ज बढ़ाने का
निर्णय किया है I#PIBFactCheck:यह दावा गलत हैI उक्त बैंकों ने बचत खातों में नकद जमा व नकद निकासी के चार्ज बढ़ाने का कोई निर्णय नहीं लिया है I
सरकार की तरफ से संचालित पीआईबी फैक्ट चेक (PIB Fact Check) ने ट्वीट किया, एक मीडिया रिपोर्ट ने दावा किया है कि कुछ बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने बचत खातों में नकद जमा व नकद निकासी के लिए अपने चार्ज बढ़ाने का निर्णय किया है. यह दावा गलत है. उक्त बैंकों ने बचत खातों में नकद जमा व नकद निकासी के चार्ज बढ़ाने का कोई निर्णय नहीं लिया है.
सरकार की तरफ से संचालित पीआईबी फैक्ट चेक (PIB Fact Check) ने ट्वीट कर बताया कि बैंक ऑफ बड़ौदा ने सूचित किया है कि बचत खातों में नकद जमा व नकद निकासी के चार्ज बढ़ाये नहीं गए हैं.
इसके अलावा PIB Fact Check की तरफ से एक अन्य ट्वीट में यह भी कहा गया कि जनधन खाते लो लेकर किया जा रहा दावा भी गलत है. ट्वीट में कहा गया, यह दावा गलत है. जनधन खातों की मुफ्त बैंकिंग सेवाओं के लिए कोई चार्ज नहीं लिया जाता है. इस सन्दर्भ में RBI के दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाता है.
उधर, वित्त मंत्रालय ने भी स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक क्षेत्र के किसी भी बैंक ने सेवा शुल्क में बढ़ोतरी नहीं की है. मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के किसी भी बैंक ने सेवा शुल्क नहीं बढ़ाया है. यहां तक कि बैंक ऑफ बड़ौदा ने एक बैंक खाते में प्रत्येक महीने में नि:शुल्क नकद जमा लेनदेन से संबंधित बदलावों को भी वापस लेने का फैसला किया है.
मंत्रालय ने कहा कि बैंक ऑफ बड़ौदा ने एक नवंबर, 2020 से प्रत्येक महीने मुफ्त नकद जमा और निकासी की संख्या में कुछ बदलाव किया था. बैंक ने प्रत्येक महीने में पांच-पांच नि:शुल्क जमा और निकासी लेनदेन को घटाकर तीन-तीन कर दिया था. बैंक ने मुफ्त लेनदेन की संख्या से अधिक लेनदेन के लिए शुल्कों में कोई बदलाव नहीं किया था. मंत्रालय ने कहा, ‘अब बैंक ऑफ बड़ौदा ने सूचित किया है कि मौजूदा कोविड-19 से संबंधित स्थिति के मद्देनजर उसने इन बदलावों को वापस लेने का फैसला किया है. इसके अलावा सार्वजनिक क्षेत्र के किसी अन्य बैंक ने शुल्कों में कोई वृद्धि नहीं की है.’