ब्याज दरें घटाने को लगा बड़ा झटका, 6 साल में सबसे अधिक बढ़ी ... - CG Sandesh

ब्याज दरें घटाने को लगा बड़ा झटका, 6 साल में सबसे अधिक बढ़ी महंगाई; अक्टूबर में 7.61 फीसदी पर पहुंची

देश में खुदरा महंगाई दर (Retail inflation) अक्टूबर में 6 साल के सबसे उच्चतम स्तर पर पहुंच गई. सांख्यिकी मंत्रालय (Ministry of Statistics and Program Implementation) द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, मई 2014 के बाद इस साल अक्टूबर में महंगाई की मार सबसे अधिक पड़ी है. अक्टूबर, 2020 में कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) पर आधारित खुदरा महंगाई दर 7.61 फीसदी रही. वहीं, सितंबर 2020 में महंगाई दर 7.27 फीसदी रही थी. खाद्य पदार्थों की कीमतों में भारी इजाफे के कारण अक्टूबर में CPI 7.61 फीसदी तक पहुंच गई. इस दौरान खाद्य महंगाई दर (food inflation) 11 फीसदी तक दर्ज की गई.

सब्जियों और दालों की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते खुदरा मुद्रास्फीति छह साल में सबसे अधिक हो गई है. इस साल लगातार 7वें महीने खुदरा महंगाई दर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के सुविधाजनक दायरे से ऊपर रही है. सरकार ने RBI को खुदरा महंगाई की दर को 2 से 6 फीसदी के दायरे में रखने को कहा है. मुद्रास्फीति अगर 6 फीसदी से अधिक होती है तो इससे लोगों पर महंगाई की मार पड़ती है.

खुदरा महंगाई के बढ़े स्तर से आने वाले समय में ब्याज दर (Interest rates) कम होने की उम्मीदों को झटका लगा है. महंगाई की वजह से रिजर्व बैंक (RBI) के लिए अब ब्याज दर घटाकर ग्रोथ को बूस्ट देने की कोशिश और मुश्किल हो सकती है.


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