भिखारी के रूप में मिले पुलिस अधिकारी की अजीब दास्तां, इस हाल में कैसे पहुंचा एक अफसर
1999 बैच के सब इंस्पेक्टर रहे, हाल ही में भिखारी के रूप में सड़क पर मिले मनीष मिश्रा की कहानी देशभर में वायरल हो रही है। पुलिस अफसरों को मनीष की दास्तां सकते में डाल रही है कि कैसे एक अफसर इस हाल में पहुंच गया।
आइजी ने लिखा- मन भावुक हो गया, बैचमेट ने कहा- हम रखेंगे ख्याल
कचरा बीनने वाले व्यक्ति ने पुलिस अधिकारियों को पहिचान लिया
ग्वालियर जिले में 10 नवंबर को डीएसपी रत्नेश तोमर व विजय भदौरिया रात्रि गश्त पर थे। तभी बंधन गार्डन के पास रास्ते में कचरा बीनते व कचरे में खाना ढूंढते हुए एक भिखारी दिखा। मानवता के नाते दोनों उसके पास गए तो भिखारी ने डीएसपी विजय भदौरिया को नाम से पुकारा। यह सुन दोनों अफसर चौंक गए। पूछताछ में सामने आया कि भिखारी उनके ही बैच (1999) का सब इंस्पेक्टर था।
बिलासपुर आइजी दीपांशु काबरा ने ट्वीट किया- मनीष की कहानी पढ़कर मन भावुक हो गया। मनीष के बैचमेट भी इस कहानी को अन्य साथियों को टैग करते हुए पोस्ट कर रहे हैं। सहपाठी साथियों ने तय भी किया है कि सभी मिलकर मनीष का इलाज कराएंगे। मनीष मिश्रा को ग्वालियर के स्वर्ग सदन में रखा गया है, जहां उनके बैचमेट अफसर रोज हालचाल जान रहे हैं।
मानसिक संतुलन खोने के कारण उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया गया
मानसिक संतुलन खोने के कारण उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। तबसे मनीष घर से बाहर है। घर वालों को भी नहीं पता था कि वह ग्वालियर में भिखारी के हाल में है।
बैचमेट ने ट्वीट कर कहा- हम रखेंगे मनीष मिश्रा का ख्याल
मनीष मिश्रा के बैचमेट आशीष वासनिक ने ट्वीट कर आइजी की पोस्ट पर लिखा है कि सर मनीष मेरा बैचमेट है। हम सभी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बैचमेट उसे तलाश रहे थे। वह इस हाल में मिलेगा, सपने में भी नहीं सोचा था। हम सभी बैचमेट मिलकर अब उसका इलाज कराएंगे।