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विश्व दिव्यांग दिवस: छत्तीसगढ़ में दिव्यांग महापंचायत ने संभाली कोरोना से जागरूकता की जिम्मेदारी

अंध मूक बधिर स्कूल के नौनिहालों व शिक्षकों का दिव्यांग महापंचायत का साथ मिल रहा है। स्कूली बच्चे भी अभियान में शामिल हो रहे हैं। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अशक्त लोगों को नया नाम दिया है दिव्यांग। इसी के साथ इनमें शक्ति का संचार हुआ है। अब सामाजिक जिम्मेदारी संभालते हुए इन्हीं दिव्यांगों की महापंचायत ने शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर योगदान देना शुरू कर दिया है। वे इशारों ही इशारों में सारी बातें करते हैं। इनकी उंगलियां ऐसे नाचती हैं कि आम आदमी को सारी बातें समझ में आ जाती हैं। कोरोना संक्रमण काल का इनको भी अच्छी तरह ज्ञान है। अपनी महापंचायत में इन्होंने आम लोगों को मास्क लगाने के लिए जागरूक करने का निर्णय लिया। 

दिव्यांग महापंचायत लोगों को मास्क लगाने के लिए कर रही जागरूक

23 मार्च से लॉकडाउन के बाद अप्रैल से प्रतिदिन शाम के वक्त संतोष भुवन चौक के पास ये इकट्ठे होते हैं। जब ये आते हैं तब इनके चेहरे मास्क से ढंके रहते हैं और हाथों में मास्क लिए खड़े नजर आते हैं। बिना मास्क घूम रहे लोगों को इशारे से रोकते हैं और मास्क लगाने की विनती करते हैं। मास्क लगाकर निकलने वालों का अभिवादन भी करते हैं।


कोरोना संक्रमण से पहले भी प्रतिदिन संतोष भुवन के सामने इनकी महापंचायत लगती थी। उस दौर में भी वे जागरूकता फैलाने का अभियान चला रहे थे। इनका अपना वाट्सएप ग्रुप भी है। वाट्सएप ग्रुप के जरिए अपना कार्यक्रम तय करते हैं और फिर दूसरे दिन संबंधित जगह पर पहुंचकर जागरूकता अभियान को अंजाम देते हैं।

दिव्यांग महापंचायत कोरोना से बचाव के लिए अभियान चला रहा

दिव्यांग महापंचायत के अनुपम मिश्रा से वाट्सएप के जरिए हुई बातचीत में उन्होंने बताया कि कोरोना से बचाव के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है।

दिव्यांग महापंचायत को नौनिहालों का मिला साथ, इनकी मार्मिक अपील पर लोग हो जाते विवश

अंध, मूक, बधिर स्कूल के नौनिहालों व शिक्षकों का दिव्यांग महापंचायत का साथ मिल रहा है। स्कूली बच्चे भी अभियान में शामिल हो रहे हैं। खास बात यह है कि कार्यक्रम के दौरान दिव्यांग बच्चे अपनी भाव भंगिमा से लोगों को कोरोना से दूर रहने और शारीरिक दूरी का पालन करने अपील कर रहे हैं। इनकी अपील इतनी मार्मिक होती है कि लोगों को सोचने पर विवश कर देती है।



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