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आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना को मिली मंजूरी, 58.5 लाख कर्मचारियों को होगा फायदा

 केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में आज कई अहम फैसले लिए गए जिसमें केंद्र सरकार ने आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना के लिए 22,810 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है. इस योजना से देश के 58.5 लाख कर्मचारियों को फायदा होगा. इस योजना का मकसद कंपनी जगत को नयी नियुक्तियों के लिए प्रोत्साहित करना है और रोजगार मुहैया कराना है.

कैबिनेट के फैसलों के बारे में मीडिया को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने यह जानकारी दी, जिसमें उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत मौजूदा वित्त वर्ष में 1,584 करोड़ रुपये खर्च होंगे. वहीं, पूरी योजना में साल 2020 से 2023 की अवधि के दौरान कुल 22,810 करोड़ रुपये खर्च होंगे.

श्रम मंत्री ने ये भी कहा कि ‘आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना’ के तहत सरकार दो साल तक कंपनियों और अन्य इकाइयों द्वारा की गई नयी नियुक्तियों के लिए सेवानिवृत्ति कोष (ईपीएफ) में कर्मचारी और नियोक्ता दोनों की ओर से अंशदान करेगी. उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत 2023 तक 22,810 करोड़ रुपये खर्च होंगे और इससे करीब 58.5 लाख कर्मचारियों को लाभ होगा.

किन्हें मिलेगा इस योजना का लाभ, जानिए…

गंगवार ने आगे कहा कि, ‘इस योजना के तहत हमने उन कर्मचारियों को चुना हैं, जिनका मासिक वेतन 15,000 रुपये से कम है. उन्होंने बताया कि इस योजना के माध्यम से सरकार गरीबों के कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बरकरार रखेगी. यह योजना उन सभी कर्मचारियों पर लागू होगी जो, एक अक्टूबर, 2020 से 30 जून 2021 तक नौकरी पर रखे जाएंगे. इस योजना के तहत इनका 24 फीसद ईपीएफ अंशदान सरकार देगी.’

PM Wi-Fi को मिली मंजूरी, 1 करोड़ डाटा सेंटर खुलेंगे

कैबिनेट ने ये भी फैसला लिया है कि पूरे देश में 1 करोड़ डाटा सेंटर खोले जाएंगे. इस योजना का नाम प्रधानमंत्री वाई-फाई एक्सेस इंटरफेस रखा गया है, जिसके जरिए देश में वाई-फाई की क्रांति लाई जाएगी. इस योजना के तहत सरकार पब्लिक डाटा ऑफिस (PDO) खोलेगी, इसके लिए किसी लाइसेंस की जरूरत नहीं होगी. किसी भी मौजूदा दुकान को डाटा ऑफिस में बदला जाएगा. सरकार की ओर से डाटा ऑफिस, डाटा एग्रिगेटर, ऐप सिस्टम के लिए 7 दिनों में सेंटर खोलने की इजाजत दी जाएगी.


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