Export हो रहा लाखों टन गुड़ , कभी गांवों की देसी मिठाई गुड़ अब इंटरनेशनल मिठाई
कभी गांवों की देसी मिठाई गुड़ (Jaggery) अब इंटरनेशनल मिठाई (Sweet) बन
गया है. एक्सपोर्ट (Export) अथॉरिटी के आंकड़े तो यही कह रहे हैं. आज देशभर
से वर्ल्ड की 200 से ज़्यादा जगहों पर गुड़ एक्सपोर्ट हो रहा है. हर साल
विदेशी लाखों टन गुड़ खा रहे हैं. कोरोना (Corona)-लॉकडाउन के दौरान भी
भारत से करीब 3 लाख गुड़ का एक्सपोर्ट हुआ. अमेरिका (America), फ्रांस,
ईरान, यूके, सिंगापुर और कुवैत आदि देश भी गुड़ के खरीदार है. लेकिन
श्रीलंका सबसे ज़्यादा भारतीय गुड़ खाता है.
महाराष्ट्र, यूपी में बड़ी तदाद में गुड़ बनाया जाता है. इन राज्यों में
गांवों के अंदर छोटे-छोटे गुड़ बनाने के कोल्हू लगे हुए हैं. शायद यही वजह
है कि डिमांड बढ़ने के साथ कोल्हू भी बढ़ गए हैं. हर साल विदेशों से गुड़
की डिमांड बढ़ रही है. देश की सबसे बड़ी गुड़ मंडी शामली के बड़े कारोबारी
संजय मित्तल के मुताबिक गुड़ लेने वालों में हर साल नए देश शामिल हो रहे
हैं.
एक्सपोर्ट अथॉरिटी के अनुसार 2017 में 2.52 मीट्रिक टन गुड़ एक्सपोर्ट हुआ
था. वहीं 2018 में 3.13 और 2019 में 3.41 मीट्रिक टन गुड़ एक्सपोर्ट हुआ
था. अगर 2020 के अप्रैल से लेकर सितम्बर तक सिर्फ 6 महीने की बात करें तो 3
लाख मीट्रिक टन गुड़ एक्सपोर्ट हो चुका है. बीते तीन साल के आंकड़ों के
मुताबिक श्रीलंका को 7.84 फीसदी गुड़ एक्सपोर्ट हुआ तो नाइजीरिया 7.18,
नेपाल 6.02, मलेशिया 5.72 और तंज़ानिया को 5 फीसद गुड़ एक्सपोर्ट किया गया.
6 महीने में 2404 मीट्रिक टन गुड़ खा गए चाइनीज
एक्सपोर्ट अथॉरिटी के आंकड़ों पर जाएं तो अप्रैल-सितम्बर
में जब कोरोना महामारी का प्रकोप था और लॉकडाउन लगा हुआ था, उस वक्त भारत
से चीन के लिए गुड़ की सप्लाई जा रही थी. इस दौरान सबसे ज़्यादा 1583
मीट्रिक टन गुड़ गुजरात से भेजा गया. इसके बाद दूसरे नंबर पर महाराष्ट्र से
819.46 मीट्रिक टन गुड़ और तेलंगाना से करीब 2 मीट्रिक टन गुड़ चीने के
लिए भेजा गया. इस तरह से सिर्फ 6 महीने में 2404 मीट्रिक टन गुड़ चीन ने
भारत से खरीदा. जिसकी कीमत 9.22 लाख अमेरिकी डालर थी.