शिनाख्त न ही हत्यारों के बारे में कोई जानकारी,,, जानकारी देन... - CG Sandesh

शिनाख्त न ही हत्यारों के बारे में कोई जानकारी,,, जानकारी देनेवाले के लिए घोषित इनाम की राशि 25 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपये,,,कुछ दिनों पहले मिली थी सर कटी अर्धनग्न युवती की लाश, टूटी हुई थी पसलियाँ

ओरमांझी थाना क्षेत्र के परसागढ़ा में तीन जनवरी को युवती की सिरकटी लाश मिली थी. इस घटना को 48 घंटे बीत चुके हैं, लेकिन सुराग के मामले में अब भी पुलिस के हाथ खाली हैं. न तो युवती की शिनाख्त हो सकी है और न ही हत्यारों के बारे में कोई जानकारी जुटायी जा सकी है. इस बीच पुलिस ने युवती के संबंध में जानकारी देनेवाले के लिए घोषित इनाम की राशि 25 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी है. इस मामले में डीजीपी एमवी राव ने कहा है कि युवती के साथ दुष्कर्म नहीं हुआ है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर ही सही तथ्य सामने आयेगा. उन्होंने कहा है कि अब तक युवती की पहचान नहीं हो पायी है. युवती के सिर की तलाश की जा रही है. उल्लेखनीय है कि इस हत्याकांड के विरोध में सोमवार को रांची के किशोरगंज में मुख्यमंत्री के काफिले को रोकने का प्रयास किया गया था. 

इधर, मंगलवार को आइजी (मानवाधिकार ) अखिलेश कुमार झा ने घटनास्थल का मुआयना किया. मौके पर उन्होंने पुलिस पदाधिकारियों को युवती के सिर बरामद करने और घटना की जांच के निर्देश दिये. आइजी ने आशंका जतायी कि जिस तरह शव को सुनसान जगह पर लाकर फेंका गया है, उससे ऐसा प्रतीत होता है कि इस घटना में आसपास के अपराधी जरूर संलिप्त होंगे. आइजी ने कहा कि एसआइटी का गठन किया गया है. हर प्रकार की जांच की जा रही है. मृतका के हुलिया के आधार पर जांच की गयी है, लेकिन अब तक शव की पहचान नहीं हो पायी है. 

ग्रामीण एसपी नौशाद आलम ने मौके पर ही मामले की जांच के लिए एसआइटी गठित की. नेतृत्व की जिम्मेवारी सिल्ली डीएसपी चंद्रशेखर आजाद को दी गयी है. टीम में थाना प्रभारी श्याम किशोर महतो, इंस्पेक्टर असीत मोदी, ममता कुमारी, एसआइ जयप्रकाश दास और तारिक अनवर शामिल हैं. ग्रामीण एसपी ने कहा कि अपराधियों को जल्द पकड़ने का प्रयास जारी है. इसके लिए टीम रात-दिन काम कर रही है.

पुलिस आरोपियों के बारे में जानकारी एकत्र करने के लिए तकनीकी शाखा के सहयोग से घटनास्थल का कॉल डंप भी निकाल चुकी है. अब पुलिस कई संदिग्ध नंबरों की जांच कर रही है. इस दिशा में जानकारी एकत्र करने के लिए घटनास्थल के आसपास किन लोगों का मोबाइल नंबर सक्रिय था. किसी मोबाइल नंबर धारक की गतिविधि संदिग्ध पाये जाने पर पुलिस उसे बुलाकर पूछताछ कर सकती है.


अन्य सम्बंधित खबरें