पीएम किसान सम्मान निधि योजना में केंद्र सरकार के ये 5 बदलाव, जानना बेहद जरूरी
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि स्कीम के तहत अबतक पीएम मोदी की सरकार
द्वारा 2000-2000 रुपये की सात किस्तें किसानों के लिए जारी की जा चुकी
हैं. इस योजना से अब तक 11.50 करोड़ किसान जुड़ चुके हैं. बता दें कि 24
फरवरी 2019 को शुरू हुई पीएम किसान योजना ही प्रभावित हो गई थी. इस के
योजना शुरू होने के बाद से ही इसमें कई बदलाव किए जा चुके हैं. जैसे आधार
कार्ड की अनिवार्यता, जोत सीमा का खत्म होना, खुद रजिस्ट्रेशन करना आदि
पीएम किसान स्कीम से अब किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) को भी जोड़ दिया गया है, जिससे पीएम किसान के लाभार्थियों के लिए केसीसी बनवाना आसान हो गया है. केसीसी के 4 फीसदी पर 3 लाख रुपये तक किसानों को लोन मिलता है तो वहीं पीएम-किसान सम्मान निधि का लाभ ले रहे किसानों को पीएम किसान मानधन योजना के लिए अब कोई दस्तावेज देने की अनिवार्यता नहीं रहेगी. इस योजना के तहत किसान पीएम-किसान स्कीम से प्राप्त लाभ में से सीधे ही अंशदान करने का विकल्प चुन सकते हैं.
अगर आप पीएम किसान सम्मान निधि स्कीम का फायदा उठाने की सोच रहे हैं तो सबसे जरूरी आपका आधार है. बिना आधार के आप इस योजना का लाभ नहीं उठा सकते. सरकार ने लाभार्थियों के लिए आधार अनिवार्य कर दिया है.
पीएम किसान सम्मान योजना की शुरुआत में केवल उन किसानों को इसका पात्र माना गया, जिनके पास कृषि योग्य खेती 2 हेक्टेयर या 5 एकड़ थी. अब मोदी सरकार ने यह बाध्यता खत्म कर दी है ताकि इसका लाभ 14.5 करोड़ किसानों को मिल सके.
पीएम किसान योजना का लाभ अधिक से अधकि किसानों तक पहुंचे, इसके लिए मोदी सरकार ने लेखपाल, कानूनगो और कृषि अधिकारी के चक्कर लागाने की बाध्यता ही खत्म कर दी है. अब किसान अपना रजिस्ट्रेशन खुद कर सकते हैं वो भी घर बैठे. अगर आपके पास खतौनी, आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और बैंक अकाउंट नंबर है तो pmkisan.nic.in पर फार्मर्स कॉर्नर में जाकर खुद अपना रजिस्ट्रेशन कर लें.
सरकार ने पीएम किसान योजना में एक और बड़ा बदलाव किया कि आप रजिस्ट्रेशन के
बाद अपना स्टेटस खुद चेक कर सकते हैं. जैसे आपके आवेदन की क्या स्थिति है,
आपके बैंक अकाउंट में कितनी किस्त आ चुकी है आदि. अब पीएम किसान पोर्टल पर
जाकर कोई भी किसान अपना आधार नंबर, मोबाइल या बैंक खाता नंबर दर्ज कर
स्टेटस की जानकारी ले सकता है.