मशहूर भजन गायक नरेंद्र चंचल का 80 वर्ष की उम्र में निधन - CG Sandesh

मशहूर भजन गायक नरेंद्र चंचल का 80 वर्ष की उम्र में निधन

मशहूर भजन गायक नरेंद्र चंचल (Narendra Chanchal) का राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के एक निजी अस्पताल में शुक्रवार को निधन हो गया। वह 80 साल के थे। इलाज के दौरान दिल्ली के अपोलो अस्पताल (Apollo Hospital) में उन्होंने आखिरी सांस ली। रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली के अपोलो अस्पताल में शुक्रवार को 12 बजे के आसपास उनकी मृत्यु हो गई। वह पिछले तीन महीनों से अस्वस्थ थे और यहां उनका इलाज चल रहा था। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, शुक्रवार दोपहर करीब 12.30 पर उन्होंने अंतिम सांस ली। गायक नरेंद्र चंचल के ब्रेन में क्लोटिंग थी। चंचल अपने पीछे दो बेटे और एक बेटी छोड़ गए हैं।


नरेंद्र चंचल के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक जताया है। पीएम ने ट्वीट कर लिखा है कि लोकप्रिय भजन गायक नरेंद्र चंचल जी के निधन के समाचार से अत्यंत दुख हुआ है। उन्होंने भजन गायन की दुनिया में अपनी ओजपूर्ण आवाज से विशिष्ट पहचान बनाई। शोक की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिजनों और प्रशंसकों के साथ हैं। ओम् शांति! बता दें कि फिल्मों में बीच-बीच में गाते चंचल ने जैसे माता की भेंटों में अपना संसार ढूंढ लिया। इससे उन्हें बेशुमार इज्जत और शोहरत मिली।



पीएम मोदी के अलावा संगीत सितारों और अन्य हस्तियों ने भी सोशल मीडिया पर नरेंद्र चंचल को श्रद्धांजलि दी है। पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह (Harbhajan Singh) ने लिखा है कि यह जानकर बहुत दुःख हुआ कि प्रतिष्ठित और सबसे ज्यादा प्यार करने वाले नरेंद्र चंचल हमारे बीच नहीं रहे है। उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना में उनके परिवार के प्रति हार्दिक संवेदना। वहीं, दलेर मेहंदी (Daler Mehndi) ने ट्वीट किया, यह जानकर बहुत दुःख हुआ कि प्रतिष्ठित और सबसे ज्यादा प्यार करने वाले नरेंद्र चंचल ने स्वर्ग में रहने के लिए हमें छोड़कर चले गए। उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं। दुख की इस घड़ी में उनके परिवार और प्रशंसकों के साथ हूं।


नरेंद्र चंचल देवीमां के तमाम मशहूर भक्ति गीतों के लिए जाने-जाते थे। उन्होंने बॉलीवुड में भी कई हिट गानों को आवाज दी है। नरेंद्र चंचल को बेस्ट मेल प्लेबैक सिंगर का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिल चुका है। नरेंद्र चंचल का जन्म 16 अक्टूबर 1940 को अमृतसर के नमक हांडी में हुआ था। उनका पालन पोषण बहुत ही धार्मिक वातावरण में हुआ। काफी संघर्ष के बाद उन्हें बॉलीवुड में काम मिला। उन्होंने बॉबी, बेनाम और रोटी कपड़ा और मकान जैसी कई मशहूर फिल्मों में भी गाने गाए थे। कहा जाता है कि वो हर साल वैष्णो देवी जरूर जाते थे।


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