काम के लालच में ले जाया गया विदेश, फसी हुई लडकियां लायी गयी ... - CG Sandesh

काम के लालच में ले जाया गया विदेश, फसी हुई लडकियां लायी गयी वापस भारत

लड़कियां मेहनत मजदूरी करके अपने परिवार को आर्थिक तंगी से बाहर निकालने के उद्देश्य से वहां गई थीं। मगर लालची एजेंटों ने उन्हें जमीदारों और धनाढय लोगों के पास बेचकर बंदी बना दिया था। इसका पता चलने पर समाज सेवी व सरबत द भला ट्रस्ट के संस्थापक डा. एसपीएस ओबराय ने इन्हें उन लोगों से छुड़ाया। शुक्रवार को वे स्वदेश पहुंचीं। एक अन्य लड़की की अचानक तबीयत खराब होने पर उसे दुबई में ही रुकना पड़ा। उसे अगले कुछ दिनों में लाया जाएगा। डा. एसपी सिंह ओबराय ने खुद इन लड़कियों का स्वागत किया और कहा कि आर्थिक मजबूरियों के चलते बहुत से माता-पिता लालची एजेंटों के चंगुल में फंसकर अपनी मासूम बेटियों को अरब देशों में नौकरी के लिए भेज देते हैं, लेकिन बदकिस्मती के कारण एजेंट इन्हें जमींदारों या अन्य कारोबारियों के पास बेच देते हैं।

एसपी सिंह ओबराय ने बताया कि ऐसी बहुत सी लड़कियां मस्कट, शारजाह रासलखेमे और दुबई में फंसी हैं, जो खरीदारों से बहुत तंग हैं और घर लौटना चाहती हैं। शुक्रवार को पहुंची लड़कियों ने उन्हें फोन करके अपने हालात की जानकारी देते हुए भारत लाने की गुहार लगाई थी। इस पर उन्होंने इन लड़कियों के खरीदारों को पैसे देकर इन्हें रिहा करवाया और इमीग्रेशन, ओवर स्टे और जुर्माना भरने के साथ भारत लाने की व्यवस्था की। प्रत्येक लड़की को वापस लाने पर डेढ़ से लेकर तीन लाख रुपये तक खर्च हुए। उन्होंने बताया कि अभी भी अरब देशों में करीब 200 लड़कियां फंसी हुई हैं। इससे पहले भी वह बिहार, कोलकता और बिहार की तीन लड़कियों को वापस ला चुके हैं। इस अवसर पर ट्रस्ट के माझा जोन के सलाहकार सुखदीप सिद्धू, जिला प्रधान सुखजिंदर सिंह हेर, जनरल सचिव मनप्रीत संधू, उपप्रधान शीशपाल सिंह लाडी, वित्त सचिव नवजीत सिंह घई भी मौजूद थे।

लोगो से अनुरोध है की वे ज्यादा पैसों के लालच में अपने परिवार के लोगो को विदेश भेजने की अनुमति देने से पहले विचार विमर्श करे.


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