लॉकडाउन से पहले ही कोमा में, कोरोना वायरस को लेकर कोई अंदाजा नहीं
मार्च में भारत के साथ ही ब्रिटेन में भी कोरोना वायरस लॉकडाउन लग गया था.
वही अप्रैल के महीने में ब्रिटेन के पीएम कोरोना पॉजिटिव हो गए थे. इसके
बाद मई में अमेरिका में जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या के बाद ब्लैक लाइव्स मैटर
मूवमेंट के चलते दुनिया के कई हिस्सों में प्रदर्शन हुए थे. जनवरी 2021 तक
आते-आते ब्रिटेन में 1 लाख से ज्यादा लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं.
कोरोना वायरस महामारी से ना केवल लोगों को जान-माल का नुकसान हुआ बल्कि इस
वायरस के चलते लोग मानसिक समस्याओं से भी जूझने लगे और कई लोग तो ऐसे भी थे
जो अपने दिमाग से कोरोना वायरस वाले साल की यादों को मिटा देना चाहते हैं.
हालांकि इंग्लैंड में एक युवा ऐसा ही है जिसने कोमा में होने के चलते इस
महामारी की बुरी यादें नहीं देखी हैं हालांकि अब होश में आने के बाद उसके
घरवाले चिंतित हैं कि उसे कैसे कोरोना महामारी के बारे में बताया जाए.
इंग्लैंड में रहने वाले 19 साल के जोसेफ फ्लेविल का मार्च के महीने में
एक्सीडेंट हो गया था. ये युवक बर्टन की सड़क पर घूम रहा था और पीछे से कार
ने टक्कर मारकर इसे बुरी तरह घायल कर दिया था. जोसेफ के दिमाग में चोट लगी
थी और ब्रिटेन में कोरोना वायरस लगने के कुछ दिनों पहले जोसेफ कोमा में चला
गया था.
23 मार्च को लगे लॉकडाउन से तीन हफ्ते पहले ही जोसेफ कोमा में था. जोसेफ इस
दौरान दो बार कोरोना पॉजिटिव भी हो गया था हालांकि वो दोनों बार ठीक हो
गया था. इसके अलावा वो हाल ही में स्टेज टू कोमा से भी बाहर आ चुका है.
हालांकि उसे कोरोना वायरस के चलते बदल गई दुनिया को लेकर कोई अंदाजा नहीं
है.
कोरोना वायरस गाइडलाइन्स के चलते सिर्फ जोसेफ की मां को उसके पास जाने की
अनुमति थी. जोसेफ की आंटी सैली स्मिथ ने स्टेफोर्डशायर लाइव के साथ बातचीत
में कहा कि हमें नहीं पता कि उसे कोरोना को लेकर कितनी जानकारी होगी
क्योंकि उसका एक्सीडेंट इस महामारी से ठीक पहले हुआ था और इस महामारी के
दौरान वो कोमा में ही रहा है. ऐसे में उसे आज के हालातों को बताना थोड़ा
चुनौतीपूर्ण होगा.
डि फेरेर्स एकेडमी में पढ़ने वाले इस युवा को हॉकी बहुत पसंद है और इस शख्स के लिए काफी फंड्स भी जुटाए जा चुके हैं