मध्यम उद्योग में शामिल नहीं होने से रिटल ट्रेडर्स को ये नुकसान....रिटेल ट्रेड को MSME का दर्जा देने की मांग
रिटेलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (RAI) ने केंद्र सरकार से अपील की है कि रिटेल ट्रेड को भी MSME का दर्जा दिया जाए। रिटेलर्स एसोसिएशन ने कहा कि हम पिछल 3 वर्षों से MSME मंत्रालय सहित भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों से मांग कर रहे हैं कि रिटेल ट्रेड को भी लघु और मध्यम उद्योग की श्रेणी में शामिल किया जाए।आपको बता दें कि रिटेल ट्रेड को MSME में शामिल नहीं किया गया है। वर्ष 2017 के सरकारी गजट नोटिफिकेशन में कहा गया है कि जो संस्थान, प्रतिष्ठान या कंपनियां मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज ऑफर नहीं करती हैं, उन्हें MSME एक्ट 2008 में MSMEs की कैटेगरी से बाहर रखा जाएगा और इनका MSME रजिस्ट्रेशन नहीं होगा। इसी वजह से होलसेल और रिटेल ट्रेड MSME की कैटेगरी से 2017 में बाहर हो गया।
रिटेलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने कहा कि MSME का दर्जा नहीं मिलने से रिटेल ट्रेड प्रायोरिटी सेक्टर में नहीं आता है, जिससे रिटेलर्स को कंसेशनल रेट्स पर बैंकों से लोन नहीं मिल पाता है। MSME का स्टेटस छिन जाने से रिटेल ट्रेड प्रायोरिटी सेक्टर लेंडिंग से बाहर हो गया, जिसके कारण रिटेलर्स को बैंको से महंगा लोन लेना पड़ता है।रिटेलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के CEO कुमार राजगोपालन ने कहा कि देश में रिटेल सेक्टर को कॉम्पिटिटिव होना चाहिए। इसके लिए देश के रिटेलर्स को सरकार से सहयोग की जरूरत है। उन्होंने कहा, अगर रिटेल ट्रेड को MSME में शामिल किया जाता है तो रिटेल ट्रेड भी कॉम्पिटिटिव होगी, जिससे लोगों को फायदा होगा।