छत्तीसगढ़ी फिल्म भूलन द मेज सर्वश्रेष्ठ छत्तीसगढ़ी फिल्म का अवार्ड....पहली बार किसी छत्तीसगढ़ी फिल्म को इतनी बड़ी उपलब्धि
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के 67वें समारोह की आज घोषणा की गई. नेशनल मीडिया सेंटर में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की घोषणा की है. पीआईबी ने अपने ऑफिशियल सोशल मीडिया के जरिए इस बात की जानकारी दी है. छत्तीसगढ़ी फिल्म भूलन द मेज को सर्वश्रेष्ठ छत्तीसगढ़ी फिल्म का अवार्ड दिया गया है. पहली बार किसी छत्तीसगढ़ी फिल्म को इतनी बड़ी उपलब्धि मिली है. इससे पहले भी इस फिल्म को कई सारे पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है. कोलकाता के रेज इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में भी सम्मानित किया जा चुका है.
इटली के मेडिटेरियन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में भी इस फिल्म को शामिल किया जा चुका है. इस फिल्म के डायरेक्टर मनोज वर्मा से खास बातचीत की न्यूज़ स्टेट संवाददाता आदित्य नामदेव ने. संजीव बक्शी के उपन्यास ‘भूलन कांदा’ पर ‘भूलन द मेज’ नामक फिल्म बनाई गई है, न्याय व्यवस्था पर लोगों का और विश्वास बढ़ाना इस फिल्म का उद्देश्य है. इस फिल्म के डायरेक्टर मनोज वर्मा का कहना है कि छत्तीसगढ़ में भूलन कांदा नाम का एक पौधा होता है. उन्होंने कहा कि यह माना जाता है कि किसी का पैर इस पर पड़ गया तो फिर वह सब कुछ भूल जाता है जब तक कोई दूसरा शख्स को से हाथ न लगाएं.
वही फिल्म की इस सम्मान को लेकर प्रदेश गवर्नर व मुख्य मंत्री ने भी ट्विटर में शेयर करके बधाई दी है बता दें कि ढाई साल में लिखी स्क्रिप्ट, कैलाश खेर का म्यूजिक: फिल्म को लिखने में ढाई साल का वक्त लगा, जबकि फिल्म बनाने में एक महीने का समय. इसकी शूटिंग गरियाबंद से 30 किलो मीटर दूर भुजिया गांव में हुई थी. इसमें एक्टर ओंकार दास मानिकपुरी, मुकेश तिवारी, अनिमा पगारे, राजेंद्र गुप्ता, अशोक मिश्रा के अलावा आशीष शेंडे, संजय महानंद, पुष्पेंद्र सिंह, सलीम अंसारी, सुरेश, अमर सिह, उपासना, उषा, सेवकम और हेमलाल मुख्य भूमिका में हैं. टाइटल सॉन्ग की म्यूजिक कैलाश खेर ने दी है.