रोजाना 900 टन ऑक्सीजन की सप्लाई, निवेशकों को भी एक साल में दिया 300% रिटर्न
JSW Steel ने कहा कि वह लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन उत्पादन की क्षमता बढ़ा रही
है और अप्रैल के अंत तक रोजाना आधार पर 900 टन की सप्लाई करेगी. आने वाले
दिनों में इसे और बढ़ाया जाएगा. कंपनी ने अप्रैल महीने में कुल 20 हजार टन
लिक्विड ऑक्सीजन सप्लाई का लक्ष्य रखा है. यह सप्लाई कंपनी के महाराष्ट्र,
कर्नाटक और तमिलनाडु स्थित प्लांट से की जाएगी. आज कंपनी की तरफ से बयान
जारी कर कहा गया कि 21-23 अप्रैल के बीच कंपनी की तरफ से औसतन 898 टन
ऑक्सीजन की सप्लाई की गई है. यह किसी स्टील प्लेयर की तरफ से सबसे ज्यादा
है.
महामारी के दौर में ऑक्सीजन की निर्बाध आपूर्ति के लिए देश की कंपनियों ने
कमर कस ली है. सरकारी हो या प्राइवेट हर कंपनी अपनी क्षमता से बढ़कर मेडिकल
ऑक्सीजन की सप्लाई कर रही है. इस लिस्ट में रिलायंस, टाटा ग्रुप, JSW
Group, आईटीसी, SAIL, जिंदल स्टील एंड पावर, राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड
(RINL), इंडियन ऑयल, BPCL और आर्सेलर मित्तल भी जैसी कंपनियां हैं.
ऑक्सीजन की किल्लत के बीच पीएम मोदी ने शुक्रवार को उद्योगपतियों के साथ
बैठक की थी. उस बैठक में ऑक्सीजन की किल्लत के बीच पीएम मोदी ने शुक्रवार
को उद्योगपतियों के साथ बैठक की थी. उस बैठक में कंपनी के चेयरमैन सज्जन
जिंदल भी उपस्थित थे. उस बैठक में देश के स्टील कंपनियों के प्रमुख शामिल
हुए थे. स्टील कंपनियां लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन यानी LMO सप्लाई में अहम
योगदान दे रही हैं.
JSW Steel स्टील बिजनेस में देश की अग्रणी कंपनी है और पिछले एक साल में इस
कंपनी ने अपने निवेशकों को भी मालामाल किया है. इस कंपनी के शेयर ने पिछले
एक महीने में 44 फीसदी, तीन महीने में 70 फीसदी, एक साल में 297 फीसदी का
शानदार रिटर्न दिया है. पीयर्स कंपनियों से तुलना करें तो एक साल में टाटा
स्टील ने 240 फीसदी, हिंडाल्को ने 215 फीसदी, जिंदल स्टील ने 405 फीसदी और
NMDC ने 80 फीसदी का रिटर्न दिया है.
अपने पीयर्स में JSW Steel का मार्केट कैप सबसे ज्यादा 1.53 लाख करोड़ रुपए
है. दूसरे नंबर पर टाटा स्टील है जिसका मार्केट कैप 1 लाख 4 हजार करोड़
रुपए है. इस कंपनी में प्रमोटर की हिस्सेदारी 44 फीसदी है. इस सप्ताह कंपनी
का शेयर 635.40 रुपए के स्तर पर बंद हुआ है. 52 सप्ताह का उच्चतम स्तर
652.80 रुपए और न्यूनतम स्तर 152.60 रुपए है.