नहीं थमा कोरोना का कहर तो बढ़ सकती है महंगाई : RBI
आरबीआई का मानना है कि अगर इस पर काबू नहीं किया गया तो इससे सामान की
आवाजाही पर लंबे समय तक प्रतिबंध लग सकता है जिसका असर सप्लाई चेन पर देखा
जा सकेगा. अगर देश की सप्लाई चेन बिगड़ती है तो फ्यूल इनफ्लेशन बढ़ेगा
जिससे पूरे देश में महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा होगा,
देश में कोरोना का दूसरा वेब कम होने का नाम नहीं ले रहा है. कोरोना के
लगातार बढ़ते मामलों और लॉकडाउन की चर्चा के बीच भारतीय रिजर्व बैंक ने
चेतावनी दी है. आरबीआई का कहना है कि अगर कोरोना के मामले नहीं थमते हैं और
पूरे देश में लॉकडाउन लगता है तो इसका असर सप्लाई पर पड़ेगा. जिसके चलते
देश में महंगाई बढ़ने का खतरा है. आरबीआई ने अप्रैल के लिए जारी किए गए
बुलेटिन में ये बातें कही है.
आरबीआई ने अपने बुलेटिन में कहा है कि कोरोना महामारी प्रोटोकॉल, वैक्सीनेशन में तेजी, अस्पतालों और उससे जुड़ी सुविधाओं के विस्तार के साथ महामारी के बाद मजबूत और टिकाऊ ग्रोथ पर फोकस से ही आगे का रास्ता निकलेगा. हमें अगर मुसीबतों से निकलना है जो जल्द से जल्द इन समस्याओं से निकलना होगा. भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स आधारित महंगाई मार्च में बढ़कर 5.5 फीसदी हो गई जो फरवरी में 5 फीसदी थी. वहीं खाद्य और ईंधन की कीमतों में तेजी से महंगाई बढ़ी है.
अप्रैल और मई में महंगाई बढ़ने का खतरा
सरकार ने आरबीआई को 31 मार्च 2026 तक महंगाई को 2 से 6 फीसदी के बीच रखने का लक्ष्य दिया है लेकिन मौजूदा हालात में ये आरबीआई के लिए भी एक बड़ी चुनौती है कि वो इन समस्याओं से कैसे निपटे. देश में कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं जिसके चलते कई राज्यों में लाकडाउन समेत कई तरह की पाबंदिया लगाई गई है. इसके कारण आउटलुक में भारी अनिश्चितता व्याप्त हो गई है. इससे अप्रैल और मई में महंगाई बढ़ सकती है. दरअसल कोरोना के लगातार बढ़ते मामलों के कारण देश की राजधानी दिल्ली में बीते 15 दिनों से लॉकडाउन लगा हुआ है. वहीं महाराष्ट्र जैसे बड़े राज्य में लॉकडाउन होने के कारण सप्लाई चेन प्रभावित हो रहा है. वही कई राज्यों में स्थानीय स्तर पर पाबंदी होने से भी आर्थिक गतिविधियों पर असर देखा जा रहा है.