50,000 पत्रकारों को मिलेगी ट्रेनिंग...Google ने 30 न्यूज पब्लिशर्स से साथ भारत में लॉन्च किया न्यूज शोकेस
गूगल (Google) ने मंगलवार को भारत में 30 समाचार संगठनों (News Publishers) के साथ अपने न्यूज शोकेस (News Showcase) की पेशकश की, जिसका मकसद गूगल के समाचार और सर्च फर्म्स पर गुणवत्तापूर्ण सामग्री प्रदर्शित करने के लिए प्रकाशकों को प्रोत्साहित करना और समर्थन देना है। इसके साथ ही गूगल भारत में अगले तीन वर्षों के दौरान समाचार संगठनों और पत्रकारिता विद्यालयों के 50,000 पत्रकारों और पत्रकारिता के छात्रों को डिजिटल हुनर सिखाएगा।फिलहाल गूगल ने हिन्दी और अंग्रेजी के 30 राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और स्थानीय समाचार संगठनों और न्यूज पब्लिशर्स के साथ मिलकर न्यूज शोकेस शुरु किया है। इन ऑर्गेनाइजेशंस में HT डिजिटल स्ट्रीम्स लिमिटेड, द हिंदू ग्रुप, इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप, ABP लाइव, द टेलिग्राफ इंडिया, IANS और ANI जैसे संस्थान शामिल हैं। इनका कंटेंट गूगल न्यूज और डिस्कवर पर डेडिकेटेड न्यूज शोकेस में दिखेगा। गूगल इस साल इसे कई अन्य भारतीय भाषाओं में लॉन्च करेगा और आने वाले समय में तमाम भाषाओं के कंटेट को शामिल करेगा
गूगल के उपाध्यक्ष (उत्पाद प्रबंधन) ब्रैड बेंडर ने कहा कि हम अब प्रकाशकों की मदद के लिए न्यूज शोकेस पेश कर रहे हैं, ताकि लोगों को भरोसेमंद खबर मिल सके, विशेष रूप से इस महत्वपूर्ण समय में जब कोविड संकट जारी है। समाचार शोकेस दल प्रकाशकों की पसंद के अनुसार लेखों को बढ़ावा देता है, और उन्हें खबर के साथ अतिरिक्त संदर्भ देने की अनुमति भी देता है, ताकी पाठकों में इस बात की बेहतर समझ बन सके कि उनके आसपास क्या हो रहा है।उन्होंने कहा कि ये समाचार दल ब्रांडिंग सुनिश्चित करते हैं, और उपयोगकर्ताओं को प्रकाशकों की वेबसाइट पर ले जाते हैं। गूगल न्यूज शोकेस भारत में 30 राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और स्थानीय समाचार संगठनों के साथ शुरू किया गया है और आने वाले दिनों में इस संख्या में बढ़ोतरी की जाएगी। गूगल की यह सेवा जर्मनी, ब्राजील, कनाडा, फ्रांस, जापान, यूके, ऑस्ट्रेलिया, चेकिया, इटली और अर्जेंटीना सहित एक दर्जन से अधिक देशों में उपलब्ध है।भारत में गूगल के कंट्री हेड और उपाध्यक्ष संजय गुप्ता ने पीटीआई से कहा कि प्रिंट, टेलीविजन और डिजिटल में समाचारों की खपत बढ़ रही है, वहीं उपभोक्ता आदतों में बदलाव भी आ रहा है, जिसमें अधिक युवा उपभोक्ता समाचार के लिए डिजिटल पहुंच का इस्तेमाल कर रहे हैं। गुप्ता ने कहा कि कंपनी अगले तीन वर्षों में 50,000 से अधिक पत्रकारों और पत्रकारिता के छात्रों को प्रशिक्षित करेगी और इसके तहत खबरों के सत्यापन, फेक न्यूज से निपटने के उपायों और डिजिटल उपकरणों के इस्तेमाल पर खासतौर से ध्यान केंद्रित किया जाएगा।