Monday motivation : नींबू पानी बेचने वाली महिला बनी सब-इंस्प... - CG Sandesh

Monday motivation : नींबू पानी बेचने वाली महिला बनी सब-इंस्पेक्टर

केरल के तिरुवनंतपुरम जिले के कांजीरामकुलम की रहने वाली एसपी एनी (SP Aanie) जब 21 साल की होने से पहले ही अपने पति से अलग हो गई थीं, तब उनके माता-पिता ने उन्हें और उनके आठ महीने के बेटे को साथ रखने से मना कर दिया था. जिसके बाद उन्होंने अपनी दादी के घर में शरण ली और जीवन यापन करने के लिए घर-घर विक्रेता के रूप में काम करने से लेकर फेस्टिवल ग्राउंड में नींबू पानी और आइसक्रीम बेचा.

हालांकि तमाम मुश्किलों के बावजूद एनी ने अपने सपनों के रास्ते में कभी भी बाधाओं को आने नहीं दिया. एनी अब 31 साल की हो चुकी हैं और अपने जीवन का एक नया अध्याय शुरू करने जा रही हैं. एनी ने शनिवार से वर्कला पुलिस स्टेशन में सब-इंस्पेक्टर का कार्यभार संभाला है. सब-इंस्पेक्टर बनने के बाद से ही उन्हें सोशल मीडिया पर विपक्ष के नेताओं से लेकर फिल्मी सितारों और अनगिनत अन्य लोगों से बधाई भरे संदेश मिल रहे हैं.

ग्रेजुएशन के फर्स्ट ईयर में एनी ने अपने माता-पिता से अपने पसंद के लड़के से शादी करने को लेकर विद्रोह किया था. अपने पति से अलग होने और अपनी दादी के साथ रहने के बाद उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी शिक्षा के साथ कभी समझौता नहीं किया. वह ग्रेजुएट हो गईं और बाद में डिस्टेंस लर्निंग कोर्स के माध्यम से पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री भी हासिल कर ली. डोर-टू-डोर सेल्सपर्सन के रूप में सामान बेचने से लेकर बैंकों में बीमा पॉलिसियों की बिक्री तक एनी ने हर काम किया. जब यह काम सफल साबित नहीं हुए तब उन्होंने किसी के सुझाव पर वर्कला और उसके आसपास फेस्टिवल ग्राउंड और टूरिस्ट प्लेस पर नींबू पानी और आइसक्रीम बेचने का काम शुरू किया.

एक बड़े शहर में सिंगल मदर होने की वजह से एनी को कोई भी घर किराए पर देने को तैयार नहीं होता था, जिसकी वजह से उन्हें समय-समय पर शिफ्ट करना पड़ता था. इसी दौरान लोगों के गलत इरादों और गंदी नजरों से बचने के लिए एनी ने ‘बॉय कट’ हेयरस्टाइल रखने का फैसला किया था इस बीच, उनके एक रिश्तेदार ने उन्हें एक पुलिस अधिकारी की नौकरी के आवेदन के लिए प्रोत्साहित किया और साथ ही साथ सब-इंस्पेक्टर की परीक्षा देने के लिए भी कहा. इतना ही नहीं, रिश्तेदार ने उन्हें पढ़ाई में मदद करने के लिए कुछ पैसे भी उधार दिए. 2016 में एनी का संघर्ष तब सफल हुआ जब वह एक सिविल पुलिस अधिकारी बनीं. तीन साल बाद उन्होंने सब-इंस्पेक्टर की परीक्षा सफलतापूर्वक पास कर ली. डेढ़ साल की ट्रेनिंग के बाद एनी ने शनिवार को वर्कला थाने में प्रोबेशनरी सब-इंस्पेक्टर के रूप में कार्यभार संभाला लिया. 

एनी ने कहा, “मुझे एक आईपीएस अधिकारी के रूप में देखना मेरे पिता का सपना था. इसलिए मैंने बहुत मेहनत से पढ़ाई की. नौकरी पाना मेरा मिशन बन गया था. जीवन की परिस्थितियों पर रोने का कोई फायदा नहीं होता. हमें छलांग लगानी होती है. हमारी हार तब तक हार नहीं है जब तक हम यह तय नहीं कर लेते कि हम हार गए हैं.” .



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