लगा रही थी रहम की गुहार..10 महीने के बच्चे को मारी लात...नहीं पसीजे आतंकी
जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों ने स्पेशल पुलिस
ऑफिसर (एसपीओ) फयाज अहमद भट (50) के घर में घुसकर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई
थीं। हमले में एसपीओ, उनकी पत्नी और उनकी बेटी तीनों की मौत हो गई।
जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों ने मां की बांहों से लिपटे 10 महीने के मासूम पर
भी रहम नहीं दिखाया और उसे जमीन पर पटक दिया। दोनों में एक आतंकी
पाकिस्तानी है।
फयाज की 21 साल की बेटी की
सोमवार सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई। आतंकियों ने अवंतिपोरा स्थित
हरिपरिगाम गांव स्थित अधिकारी के घर पर हमला किया था। एके-47 लहराते हुए
आतंकियों ने भट का दरवाजा खटखटाया था, उनके चेहरे ढके हुए थे। जैसे ही भट
ने दरवाजा खोला, गोलियों की बौछार शुरू हो गई। पहले पुलिस अधिकारी और फिर
उनकी पत्नी रजा बानो अगला शिकार बनीं।
अपने पैरंट्स को बचाने उनकी बेटी दौड़ी रफीका को भी आतंकियों ने गोलियों से
छलनी कर दिया। इस दौरान भट की बहू सायमा भी घर पर ही थीं जो अपने बच्चे को
गोद में लेकर खिला रही थीं। आतंकियों ने उन्हें और उनके बच्चे को भी लातें
मारीं। जान बचाने के लिए सायमा सुरक्षित ठिकाने की ओर भागी।
सायमा ने कहा, 'मैंने उनसे जान की भीख मांगी लेकिन उन्होंने मेरे बच्चे को
भी नहीं छोड़ा। ससुरालवालों की तरह कहीं मुझे भी गोली न मार दी जाए, इस डर
से मेरी चीखने की हिम्मत नहीं हुई। मैं अपने बच्चे को उठाकर दूसरे कमरे में
भागी। जब आतंकी चले गए तब ही जाकर मेरी चीख निकली और मैं जोर-जोर से रोने
लगी।'
सायमा के पति लियाकत फयाज प्रादेशिक सेना में कार्यरत हैं और पुलवामा में
ही तैनात हैं। हमले के वक्त वह ऑन ड्यूटी थे। पत्नी की कॉल पर जब वह घर
पहुंचे तो उनके पैरंट्स की मौत हो चुकी थी जबकि छोटी बहन की सांसें चल रही
थीं। रफीका को श्रीनगर के एसकेआईएमएस अस्पताल ले जाया गया जहां सोमवार
तड़के उनकी मौत हो गई।
आईजी (कश्मीर रेंज) विजय कुमार, भट के घर पहुंचे और बताया कि एक हमलावर
कोशुर (कश्मीरी) में बात कर रहा था जबकि दूसरा उर्दू बोल रहा था। उन्होंने
बताया, 'हमें इलाके में जैश आतंकियों के मूवमेंट की सूचना मिली है, और इस
बात के कई सबूत हैं कि एक आतंकी पाकिस्तानी था।'