खेत में मिली एक ही परिवार के पांच सदस्यों के नरकंकाल...लोगो में हत्यारों को लेकर काफी आक्रोश
मध्यप्रदेश के देवास जिले के नेमावर में पुलिस ने दो माह से लापता एक ही परिवार के पांच सदस्यों का नरकंकाल एक खेत से बरामद किया है। बीते मंगलवार को गड्ढा खोदकर शवों को निकाला गया। शवों को खेत में 8-10 पीट गड्ढा कर दफनाया गया था। आशंका जताई जा रही है कि इन सभी लोगों की हत्या कर खेत में दफना दिया गया था। इस मामले में पुलिस दो लोगों को हिरासत में ले लिया है। देवास जिले पुलिस ने इसकी पुष्टि की है।
जिन लोगों के नरकंकाल मिले हैं, उनमें चार महिलाएं और एक बच्चा शामिल है। ये सभी 13 मई की रात को अपने घर से बिना बताए गायब हो गए थे। मंगलवार को इनके शव सुरेंद्र ठाकुर के खेत से बरामद किए गए।
नेमावर थाना के प्रभारी अविनाश सिंह सेंगर से मिली जानकारी के अनुसार कुछ दिन पहले ही आदिवासी समुदाय के एक परिवार के गायब होने की सूचना दर्ज की गई थी। लापता आदिवासी परिवार के पांचों लोगों के कंकाल 8 फीट गहरे गड्ढे में से निकाले गए हैं। उन्होंने जल्द ही पूरे मामले के खुलासे का दावा भी किया है।
उन्होंने कहा कि पुलिस इस मामले में गुमशुदा रिपोर्ट दर्ज कर परिवार की तलाश सरगर्मी से कर रही थी. शर्मा ने बताया कि मुखबिर से पुलिस को सूचना मिली की नेमावर निवासी हुकुम सिंह चौहान के आत्माराम बाबा मेला मार्ग पर स्थित खेत में काम कर रहे व्यक्ति को इस संबंध में कुछ जानकारी है. पुलिस उसे थाने लाई और उससे सख्ती से पूछताछ की तो उसने खेत मालिक के पोते सुरेन्द्र सिंह चौहान और उसके छोटे भाई भुरू के बारे में जानकारी दी.
पुलिस दोनों भाइयों को थाने लाई और कड़ाई से पूछताछ की तो वे टूट गए. इन दोनों भाइयों ने पूछताछ में बताया कि पांचों को मारकर उनकी लाश खुद के खेत में गड्ढा खोदकर गाड़ दिया गया है. एसपी शर्मा ने बताया कि दोनों आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी एवं नगर परिषद के सफाई कर्मियों की मदद से गड्ढे की मिट्टी निकाल कर पांचों के कंकाल बाहर निकाले. सभी कंकाल फॉरेंसिक जांच के लिए अस्पताल भेज दिए गये हैं. पुलिस मामले में जांच कर रही है. हत्याकांड में अन्य आरोपियों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है. हत्या के कारणों का पता लगाया जा रहा है.