2025 तक चली जाएंगी साढ़े सात करोड़ जॉब्स....आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अगले कुछ सालों में खत्म करेगी रोजगार
पिछले कुछ सालों से दुनिया भर में यह बात चर्चा में है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जब मशीनों की कार्यक्षमता बढ़ जायेगी तो क्या लोगों को अपने नौकरी खोने पड़ेंगे? कई विशेषज्ञों का कहना है कि AI के मजबूत होते जाने के साथ ही ड्राइवर से लेकर डेटा एंट्री ऑपरेटर्स को बड़ी संख्या में अपनी नौकरियां खोनी पड़ेंगी. खास बात यह है कि नौकरी खोने वालों में साधारण रोजगार वाले ही नहीं बल्कि अच्छी मानसिक क्षमता वाले काम जिसमें डॉक्टर, जर्नलिस्ट और वकील भी शामिल हैं, उनकी भी नौकरियों पर AI के सक्षम होने के बाद खतरा मंडराता दिख रहा था. लेकिन एक हालिया रिपोर्ट में इससे ठीक उल्टी बात भी सामने आई है. यह रिपोर्ट है वर्ल्ड इकॉनमिक फोरम (WEF) की. WEF की सालाना रिपोर्ट में कहा गया है कि AI यानि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अगले कुछ सालों में जितने रोजगार खत्म करेगी उससे 6 करोड़ ज्यादा नए रोजगार पैदा करेगी.
जाहिर है कि जब AI का प्रयोग काम में शुरू हो जायेगा तो ये न केवल
प्रोडक्टिविटी बढ़ा देगा, बल्कि गलतियों की संभावना को भी कम कर देगा. ऐसे
में कोई भी चाहेगा कि इंसान की बजाए कई सारे काम वो कंप्यूटर और रोबोट से
करवाए क्योंकि कंप्यूटर और रोबोट गलतियां नहीं करेंगे. हालांकि हाल ही में
वर्ल्ड इकॉनमिक फोरम ने 'फ्यूचर ऑफ जॉब्स' (नौकरियों का भविष्य) नाम की एक
रिपोर्ट जारी की है. इस रिपोर्ट से सामने आया है कि आने वाले 7 सालों में
यानि 2025 तक इंसान का आधे से ज्यादा काम (करीब 52 फीसदी) मशीनें करने
लगेंगी. अभी इंसान के टोटल काम का केवल 29 फीसदी मशीनें करती हैं. ऐसे में
रिपोर्ट का मानना है कि ऐसे में पूरी दुनिया में 7.5 करोड़ लोगों को अपनी
नौकरियां खोनी पड़ेंगी. लेकिन खुशी की बात यह भी है कि आर्टिफिशियल
इंटेलिजेंस (AI) के आने के बाद से 13.3 करोड़ नई नौकरियां भी आयेंगी. ऐसे
में जितनी जॉब जायेंगी उससे 5.8 करोड़ ज्यादा नई नौकरियां भी मार्केट में आ
जायेंगी.
ऐसी हालत में तेजी से बढ़ेंगे ये रोजगार
यह रिपोर्ट 12 अलग-अलग उद्योगों के 1.5 करोड़ लोगों पर की गई स्टडी के बाद
तैयार की गई है. वर्ल्ड इकॉनमिक फोरम ने रिपोर्ट के बारे में यह भी कहा कि न
ही बिजनेस और न ही सरकारें इस चौथी औद्योगिक क्रांति के लिए तैयार हैं.
सबसे तेज बढ़ने वाली नौकरियां होंगीं - डेवलपर्स की, ई-कॉमर्स की और सोशल
मीडिया स्पेशलिस्ट की. ये वेब और सॉफ्टवेयर डेवलपर्स होंगे, जिनकी मांग उस
वक्त तक बहुत ज्यादा हो जाएगी. रोजगार के लिए बने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म
'लिंक्डइन' ने भी कहा था कि सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स और मार्केटिंग के जॉब
इसके बाद तेजी से बढ़ रहे हैं और आगे भी बढ़ते रहेंगे.
दूसरी नौकरियां जिनमें तेज बढ़ोत्तरी हो सकती हैं उनमें मानव कौशल की जरूरत
है - जैसे उन लोगों की नौकरियां बढ़ेंगी जों कस्टमर सर्विस प्रोवाइड कराते
हैं. चाहे वे ऑनलाइन सर्विस प्रोवाइड कराते हों या फिर फोन पर. जाहिर सी
बात है कि उस वक्त लोगों के पास डिवाइस ज्यादा होंगीं ऐसे में ज्यादा
डिवाइसेज बिगडेंगीं भी और लोग कस्टमर सर्विस वालों की मदद उन्हें सुधारवाने
के लिए लेंगे. इसके अलावा सेल्स और मार्केटिंग की नौकरियां भी बढ़ेंगी,
क्योंकि ज्यादा मशीनों को बेचने के लिए ज्यादा लोगों की जरूरत भी पड़ेगी.
इसके अलावा ट्रेनिंग और डेवलपमेंट वाले लोगों के रोजगार भी सुरक्षित हैं.
वे लोग जो आर्ट्स और कल्चर से जुड़े क्षेत्र में काम कर रहे हैं. जैसे
सिंगिंग, डांसिंग, पेंटिंग या फिर फिल्में बनाना, उनके रोजगार भी कम नहीं
होंगें बल्कि बढ़ेंगे क्योंकि लोगों के पास तब इन चीजों के लिए ज्यादा वक्त
होगा. साथ ही उनके पास भी अपने हुनर को दिखाने के लिए ज्यादा प्लेटफॉर्म
होंगे.
जो जॉब कर रहे हैं, अपनी जॉब बचाने के लिए क्या करें?
इसके अलावा NGO, राजनीतिक दलों और दूसरे ऑर्गनाइजेशन बेस्ड जगहों में भी
बढ़ोत्तरी होगी. नए तरह के प्रयोगों के लिए जिम्मेदार लोगों के रोजगार भी
बढ़ेंगे. अभी किसी रोजगार में लगे हुए लोगों को अपने आप को री-स्किल और
रीट्रेन करने की बहुत जरूरत है क्योंकि अगर वे अपडेट नहीं होंगे और उन्हें
नया काम नहीं आता होगा तो उन्हें अपना रोजगार खोना पड़ेगा. इसलिए उन्हें यह
सलाह भी दी जाती है कि लगातार होने वाले नए प्रयोगों और खोजों पर वे अपनी
नज़र बनाए रखें.