चिंकी, चाइनीज या नेपाली....भारत में सिर्फ जातीवाद ही नहीं है बल्कि नस्लवाद भी...अंकिता सोमन....
एक्टर
मिलिंद सोमन और उनकी पत्नी सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं. मिलिंद
सोमन ऐसे एक्टर हैं जो अपनी फिटनेस के लिए खास जाने जाते हैं. कपल अक्सर
अपनी पोस्ट के जरिए लाइमलाइट में रहता है. बीते दिनों मिलिंद सोमन भारतीय
पहलवान प्रिया मलिक को जीत की बधाई देते हुए नजर आए थे, बता दें कि प्रिया
ने हंगरी में हुई वर्ल्ड कैडेट रेसलिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल हासिल
किया था, लेकिन इन दिनों पूरी दुनिया पर टोक्यो ओलंपिक का खुमार चढ़ा हुआ
है. जिसे लेकर मिलिंद को ट्रोलिंग का सामना भी करना पड़ा था. इसी बीच अब
उनकी पत्नी अंकिता कोंवर ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा किया है जिसे
लेकर वे खास चर्चाओं में आ गईं हैं.
याद दिलाते
चलें कि मीरा बाई चानू ने टोक्यो ओलंपिक में सिल्वर मेडल अपने नाम कर लिया
है, लोगों के बधाई देने के सिलसिले के चलते अब अंकिता ने भी पोस्ट साझा
किया है. यूजर्स उनकी पोस्ट पर जमकर प्रतिक्रिया दे रहे हैं. अंकिता लिखती
हैं कि 'अगर आप नार्थ ईस्ट से हैं तो आप तभी भारतीय हो सकते हैं जब आप देश
के लिए मेडल जीतें. नहीं तो आपको चिंकी, चाइनीज या नेपाली या अभी हाल ही
में आया नया एडिशन कोरोना से के नाम से पुकारा जाता है. भारत में सिर्फ
जातीवाद ही नहीं है बल्कि नस्लवाद भी है. यह मैं अपने एक्सपीरियंस से बता
रही हूं.'
अब आपको बता
दें कि अंकिता ने आखिर ऐसा क्यों कहा. दरअसल अंकिता नार्थ ईस्ट से हैं और
मेडल जीतने वाली मीराबाई चानू भी नार्थ ईस्ट से हैं. अंकिता ने आपबीती साझा
करते हुए अपने मन में दबी इस बात को सोशल मीडिया पर सभी के सामने रखा है.
नॉर्थ ईस्ट के लोगों को अलग-अलग नाम से संबोधित करते हैं, लेकिन जैसे ही
नार्थ ईस्ट की बच्ची नाम रौशन करे तो 'देश की बेटी' कहलाती है. अंकिता ने
इस पोस्ट के माध्यम से सीधा-सीधा तंज कसा है.