सरेराह युवक की पिटाई करने वाली युवती पर मुकदमा दर्ज....सोशल मीडिया पर बखेड़ा ...CCTV फुटेज से खुली पोल
लखनऊ में कृष्णा नगर इलाके के अवध चौराहे पर सरेराह युवक की पिटाई करने
वाली युवती की चौतरफा गिरफ्तारी की मांग उठ रही है। कैब ड्राइवर और बीचबचाव
करने आए शख्स पर थप्पड़ बरसाने वाला वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया
पर बखेड़ा खड़ा हो गया। हालांकि सीसीटीवी फुटेज सामने आने पर साफ हो गया
कि असल में गलती किसकी थी। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपी लड़की
प्रियदर्शिनी यादव पर लूट और तोड़फोड़ करने की धाराओं में केस दर्ज कर लिया
है।
सोमवार को घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने
आने के बाद मामला तूल पकड़ने लगा। जिसके बाद पुलिस को लूट और तोड़फोड़ की
धाराओं में मुकदमा दर्ज करना पड़ा। यह भी सामने आया है कि पुलिस ने शुरुआत
में गुमराह किया। इसी वजह से यह मामला बीते तीन दिनों से सुर्खियों में है।
प्रक्रिया के मुताबिक, इस तरह के मारपीट के मामले में सबसे पहले मेडिकल
कराना चाहिए था, लेकिन मेडिकल तो दूर मुकदमा तक सही धाराओं में नहीं लिखा
गया।
पुलिस ने जिसे XUV बताया, CCTV में वह कार वैगनआर निकली
इंस्पेक्टर
कृष्णा नगर ने पहले यह बताया था कि केसरी खेड़ा निवासी प्रियदर्शनी पैदल
जा रही थी, उसी दौरान काले रंग की एक्सयूवी 500 यूपी 32 एचए 2545 गाड़ी में
सवार शहादत अली, इनायत अली, दाऊद अली की गाड़ी से टक्कर हो गई। इसके बाद
मारपीट की सूचना मिली थी। जिसके बाद दोनों पक्षों को थाने लाकर कार्रवाई की
गई। लेकिन सीसीटीवी सामने आने के बाद दिख रहा है कि गाड़ी एक्सयूवी नहीं
बल्कि मारुति की वैगन आर है।
लड़की की शिकायत पर पिटने वाले पर ही कर दी कार्रवाई
इससे
पहले पुलिस ने केसरी खेड़ा निवाशी प्रियदर्शनी की शिकायत पर कार्रवाई करते
हुए आरोपी का 151 में चालान कर दिया। वहीं लड़की को भी बीच सड़क पर हंगामा
करने और लड़कों से मारपीट करने के लिए चेतावनी देकर छोड़ दिया गया था।
मेडिकल न कराए जाने पर उठ रहे सवाल
मेडिकल
न कराए जाने के सवाल पर इंस्पेक्टर कृष्णा नगर महेश दुबे ने बताया कि
मेडिकल किसी का नहीं हुआ था। मेडिकल की जरूरत जब महसूस की जाती है तभी
करवाया जाता है। चौकी इंचार्ज मौके पर मौजूद थे, लेकिन उन्होंने मेडिकल
कराना जरूरी नहीं समझा। वहीं डीसीपी सेंट्रल ख्याति गर्ग ने कहा कि
प्रावधान तो है कि मेडिकल कराया जाना चाहिए, लेकिन इस मामले में ऐप्लीकेशन
नहीं दी गई थी।