ओबीसी संशोधन बिल : इस बिल के पास होने के बाद राज्य सरकारों को केंद्र सरकार पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं होगी।
संसद के मानसून सत्र (Parliament) के दौरान सोमवार को ओबीसी संशोधन बिल (OBC Amendment Bill) केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉक्टर वीरेंद्र कुमार द्वारा पेश किया गया। जिसे लोकसभा में सर्वसम्मति से पास कर दिया गया। पक्ष और विपक्ष दोनों ही पार्टियों के सांसदों ने अपना समर्थन दिया। अब ये बिल पास होने के बाद राज्य सरकारों को ओबीसी लिस्ट तैयार करने का अधिकार देगा। इससे पहले केंद्र की मोदी कैबिनेट ने इस बिल पर अपनी मुहर लगा दी थी। ओबीसी संशोधन बिल 127वां संविधान संशोधन बिल है। जिसे संविधान के आर्टिकल 342ए(3) के जरिए देश में लागू किया गया। ये आर्टिकल राज्य सरकारों को अधिकार देगा कि वह अपने हिसाब से राज्य के ओबीसी समुदाय की लिस्ट तैयार कर सकें। इस बिल के पास होने के बाद राज्य सरकारों को केंद्र सरकार पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं होगी।
सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने कल ये बिल पेश किया था। इसका नाम संविधान (127वां संशोधन) विधेयक-2021 है। इसके तहत राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों की सरकारें सामाजिक, शैक्षणिक दृष्टि से पिछड़े वर्गों (SEBC) की सूची बना सकेंगी। राज्यों की ये शक्ति सुप्रीम कोर्ट के मराठा आरक्षण मामले में दिए गए फैसले के बाद खत्म हो गई थी।
सोमवार को लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा, 'हम अन्य पिछड़ा वर्ग के कल्याण से संबंधित इस विधेयक को पारित कराना चाहते हैं। हम विपक्ष की जिम्मेदारी समझते हैं।' इस पर मंत्री वीरेंद्र कुमार ने कहा कि विपक्षी दलों के शासन वाले राज्यों के मुख्यमंत्री भी यह विधेयक लाने की मांग कर रहे थे। उधर, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी कहा कि विपक्ष इस बिल का समर्थन करेगा।
जानें क्यों केंद्र लेकर आ रही ये खास बिल जानकारी के लिए बता दें कि कई राज्यों में ओबीसी आरक्षण को लेकर नियम कानून राज्य सरकारों के मुताबिक हैं। इससे पहले 5 मई को मराठा आरक्षण के मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा था कि ओबीसी की सूची तैयार करने का अधिकार सिर्फ केंद्र सरकार के पास है। ऐसे में अब केंद्र सरकार नहीं चाहती थी कि आरक्षण जैसे संवेदनशील मामले पर कोई जोखिम लिया जाए। अब इस कानून के तहत केंद्र सरकार राज्य सरकारों को भी ओबीसी लिस्ट तैयार करने का अधिकार देने जा रही है। जानकारी के लिए बता दें कि संसद सत्र को लेकर बीजेपी ने सभी सांसदों के लिए 3 लाइन का व्हिप जारी किया है। लोकसभा सांसदों को मंगलवार और राज्यसभा सांसदों को मंगलवार और बुधवार को सदन में उपस्थित रहने के लिए कहा गया है। इस दौरान संविधान संशोधन विधेयक (ओबीसी) सहित कई महत्वपूर्ण बिल आने वाले हैं। जिसको लेकर सरकार सभी सांसदों की उपस्थिति चाहती हैं।