FB पर पोस्ट किया इंदिरा गांधी का आपत्तिजनक स्केच, BJP ने की तारीफ
पंजाब (Punjab) कांग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिद्धू ( Navjot Singh Sidhu)
के सलाहकार मलविंदर सिंह माली (Malvinder Singh Mali) लगातार सोशल मीडिया
पर ऐसी पोस्ट डाल रहे हैं जो विवादों में घिरती जा रही हैं. तालिबान और
कश्मीर (Taliban and Kashmir) पर विवादित पोस्ट डालने के बाद उन्होंने अब
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी (Indira Gandhi) का एक स्केच पोस्ट कर
संगठन और सरकार में दोबारा हलचल पैदा कर दी है. इस स्केच में पूर्व
प्रधानमंत्री के चारों और खोपड़ियों के ढेर हैं और हाथों में जो बंदूक है उस
पर भी खोपड़ी लटक रही है. कांग्रेस के नेता जहां इस पोस्ट का लगातार विरोध
कर रहे हैं वहीं भाजपा ने माली की इस पोस्ट की सराहना की है.
यह स्कैच एक काफी पुरानी पंजाबी मैगजीन के कवर पेज का है, जिसमें 1984
के दंगों की तस्वीर दिखाने की कोशिश की गई थी. बताया जा रहा है कि इस
मैगजीन के उस वक्त माली ही संपादक थे. स्केच पर लिखा गया है, ‘हर जबर दी
यही कहानी, करना जबर ते मुंह दी खानी’ ‘मतलब जुल्म करने वाले को मुंह की
खानी पड़ती है.’ इस फोटो को माली कांग्रेस नेताओं के विरोध के बाद भी नहीं
हटा रहे हैं.
दि ट्रिब्यून की रिपोर्ट में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने कहा
कि पीसीसी अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के सलाहकार मलविंदर सिंह माली की
फेसबुक पोस्ट में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को बंदूक के साथ दिखाया
गया था कि 1984 में सिखों को कैसे निशाना बनाया गया था. सिद्धू और
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के रुख पर सवाल उठाते हुए चुग ने कहा कि
ऑपरेशन ब्लू स्टार के मद्देनजर कैप्टन ने सांसद पद से इस्तीफा दे दिया था.
चुग ने कहा कि माली की पोस्ट ने 1980 के दशक के दौरान कांग्रेस की जघन्य
योजना को उजागर किया है. उन्होंने कहा कि जहां भाजपा हमेशा सिखों के लिए
न्याय के लिए खड़ी रही है, वहीं वाजपेयी सरकार ने पहली बार सिख विरोधी
दंगों में शामिल कांग्रेस नेताओं की सूची रखी थी. मोदी सरकार ने बाद में
सुनिश्चित किया कि दोषियों को सजा दी जाए. चुग ने जांच आयोग द्वारा दोषी
ठहराए जाने के बाद भी कांग्रेस नेताओं से सज्जन कुमार और जगदीश टाइटलर के
प्रति उनके ‘स्नेह और एहसान’ पर सवाल किया है.