सबसे ज्यादा डिमांड में है ये कोर्स, हाई डिमांडिंग स्किल कोर्सेज ही टिकेगी भविष्य में
इस साल भी स्टूडेंट्स का रुझान नौकरी दिलाने वाले न्यू एज कोर्सों की तरफ ज्यादा देखा गया। एआइ, एमएल, डाटा साइंस और डिजिटल मार्केटिंग की विशेषज्ञता दिलाने वाले कोर्स इस साल टॉप पर माने जा सकते हैं। हालांकि यह केवल इसी साल की बात नहीं है। अगले साल भी इनका क्रेज बने रहने की उम्मीद है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ)। मैन्युफैक्चरिंग से लेकर सॉफ्टवेयर कंपनियों, ई-कॉमर्स कंपनियों, मोबाइल कंपनियों और मेडिकल डायग्नोसिस आदि के क्षेत्र में, हर ओर इस स्किल के जानकारों की मांग देखी गई। एक रिपोर्ट की मानें, तो अमेजन, एपल, फेसबुक और गूगल जैसी शीर्ष कंपनियों में एआइ इंजीनियर्स को सालाना 70-75 लाख रुपये तक के भारी- भरकम पैकेज ऑफर हुए
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence)
वर्ष
2021 में सबसे ज्यादा डिमांड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का है। यह डिमांड
पिछले कुछ सालों से लगातार बढ़ रहा है और कोरोना के बाद भी इसपर कोई असर
नहीं पड़ा है। इसका कारण है कि मैन्युफैक्चरिंग से लेकर सॉफ्टवेयर
कंपनियों, ई.कॉमर्स कंपनियों, मोबाइल कंपनियों और मेडिकल डायग्नोसिस आदि के
क्षेत्र में, हर ओर इस स्किल के जानकारों की मांग देखी गई। आइटी के
वर्किंग प्रोफेशनल्स ने अपनी री-स्किलिंग के लिए इन कोर्सेज में सबसे
ज्यादा दिलचस्पी दिखाई। ऑटोमेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में कोर्स करने
के लिए कंप्यूटर साइंस, आइटी, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स और
इंस्ट्रूमेंटेशन में डिग्री होना आवश्यक है। कई आइआइटी संस्थानों में आजकल
यह कोर्स ऑफर हो रहा है।
डिजिटल मार्केटिंग (Digital Marketing)
कोरोना ने
मार्केटिंग के जरिए को पूरी तरह बदल दिया है, आज के समय में सभी कंपनियां
डिजिटल मार्केटिंग पर ध्यान दे रही हैं। कंपनियों के मार्केटिंग की सारी
प्लानिंग फेसबुक, वाट्सएप, ट्विटर जैसी सोशल साइटों को ध्यान में रखकर ही
तैयार हो रही हैं। इसलिए इस साल भी बिजनेस कंपनियों में सोशल मीडिया मैनेजर
और ऑनलाइन कंटेंट क्रिएटर्स जैसे प्रोफेशनल्स की मांग रही। युवाओं में इस
कोर्स को लेकर आकर्षण की एक वजह यह रही कि पिछले कई सालों से यह एक कमाऊ
फील्ड के तौर पर देखा जा रहा है।
नर्सिंग में डिप्लोमा (Diploma In Nursing) Paramedical courses
कोरोना ने
इस क्षेत्र को और डिमांडिंग बना दिया है, पिछले एक साल में लाखों लोगों को
इस क्षेत्र में जॉब्स मिली हैं। बारहवीं करने के बाद अगर आप भी मेडिकल
लाइन में जाना चाहते हैं तो आप डिग्री या डिप्लोमा कोर्स कर सकते हैं।
हालांकि इसके लिए इंट्रेंस टेस्ट भी देना पड़ सकता है। क्योकि कई जगहों पर
प्रवेश परीक्षा के आधार पर तो कहीं मेरिट के आधार पर ही एडमिशन दिया जाता
है। हर कॉलेज में एडमिशन के आधार अलग होते हैं, ये कोर्स करके आप अच्छा
करियर बना सकते हैं।
डाटा एनालिटिक्स (Data Analytics)
कंपनियां किसी भी
बिजनेस में हों, लेकिन आज के समय में उनके लिए बिग डाटा बहुत जरूरी हो गया
है। इस डाटा के जरिए कंपनियां पूर्वानुमान लगाकर अपनी सेल्स स्ट्रेटेजी में
सुधार करके तेजी से आगे बढ़ सकती हैं। इसीलिए यह कोर्स भी युवाओं के बीच
काफी डिमांडिंग है। इसकी एक वजह यह भी रही कि अभी इस क्षेत्र में स्किल गैप
होने के कारण छात्रों के लिए मौके अधिक हैं। भारत के अलावा डाटा साइंटिस्ट
की मांग आजकल अमेरिका में बहुत ज्यादा है। साथ ही, यह टॉप हाई पेइंग
नौकरियों में से है, जहां लोगों को लाखों में सैलरी मिलती है। डाटा
एनालिटिक्स का कोर्स करने के लिए गणित, स्टैटिस्टिक्स और कंप्यूटर
एप्लिकेशन का बैकग्राउंड होना जरूरी है।
साइबर सिक्युरिटी (Cyber Security)
साइबर
सिक्युरिटी भी बीते कई सालों से टॉप पर ट्रेंड कर रहा है और लगातार बढ़ रही
है। आइटी फर्म्स से लेकर कॉरपोरेट कंपनियों, लॉ फर्म्स, पब्लिक-प्राइवेट
बैंक, टेलीकॉम कंपनियों तथा स्कूल-कॉलेजों में इन्हें बड़ी संख्या में
नौकरियां मिलीं। बढ़ती मांग को देखते हुए इस साल भी 12वीं के बाद एथिकल
हैकिंग कोर्सेज में नामांकन अधिक हो रहा।
इंटरनेट ऑफ थिंग्स
इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आइओटी) यानी ऐसी डिवाइसेज जो इंटरनेट से संचालित होती हैं। दुनियाभर में इंटरनेट से कनेक्टेड इन डिवाइसेज की मांग के चलते आइओटी इंजीनियर्स की गैजेट कंपनियों में काफी पूछ रही। अनुमान है कि आने वाले समय में जैसे-जैसे और डिवाइसेज इंटरनेट से कनेक्ट होंगी, इसके जानकारों की इन डिवाइसेज की प्रोग्रामिंग, डिजाइनिंग और हार्डवेयर मैन्युफैक्चरिंग के लिए डिमांड और ज्यादा बढ़ेगी। विशेषज्ञों की मानें, तो जो स्टूडेंट इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल, कंप्यूटर साइंस, मैकेनिकल या फिर कम्युनिकेशन बैकग्राउंड के हैं, उनके लिए आगे भी बहुत अच्छी संभावनाएं रहेंगी।
रोबोटिक्स साइंस
हर तरह के छोटे-बड़े कामों के लिए रोबोट का इस्तेमाल बढ़ने के कारण यह फील्ड भी आजकल युवाओं में काफी डिमांडिंग है। उम्मीद की जा रही है कि जैसे-जैसे मैन्युफैक्चरिंग कंपनियां ऑटोमेशन अपनाएंगी, यह फील्ड और तेजी से ग्रो करेगा। यही वजह है कि इस क्षेत्र में ट्रेंड प्रोफेशनल्स की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। रोबोटिक्स में करियर बनाने के लिए इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, इंस्ट्रूमेंटेशन, कंप्यूटर साइंस की डिग्री होनी जरूरी है।
एप डेवलपमेंट
एक अनुमान के मुताबिक, पिछले दो सालों में मोबाइल एप डेवलपर्स की डिमांड दोगुनी तेजी से बढ़ी है। एक स्टडी के अनुसार, स्मार्टफोन के लगातार बढ़ते मार्केट के कारण हर साल करीब 40 से 60 प्रतिशत तक एप डेवलपमेंट कोर्स के बारे में ऑनलाइन सर्च देखा जा रहा है। 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स विषयों से पास हुए छात्र बीसीए या इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीटेक कर सकते हैं।